हांसी। नागरिक अस्पताल को एनक्वास (नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस) सर्टिफिकेट दिलवाने के लिए स्वास्थ्य विभाग, पंचकूला से एक्सटर्नल असेसर डॉ. दिव्या ने सोमवार को निरीक्षण के लिए पहुंची।
इस दौरान उन्होंने अस्पताल की सफाई व्यवस्था, विशेषकर शौचालयों की खराब स्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने चिकित्सकों को निर्देश दिए कि सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाए और जर्जर सामान को खुले में न रखकर ढककर रखा जाए।डॉ. दिव्या ने बीपीएचयू, एमरजेंसी रूम, ओपीडी, जनरल वार्ड और लेबर रूम का निरीक्षण किया तथा मरीजों से बातचीत कर चिकित्सकों को कमियां बताई। एमरजेंसी में माइनर ओटी रूम की आवश्यकता बताई ताकि आपातकालीन स्थिति में तुरंत छोटी सर्जरी की जा सके।
उन्होंने कहा कि अस्पताल में मूलभूत सफाई और एमरजेंसी सुविधाओं में सुधार जरूरी है ताकि मरीजों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें। प्रशासन ने सुधारात्मक कदम उठाने का आश्वासन दिया। डॉ. सुनैना ने डिलीवरी रूम का निरीक्षण किया और सेप्टिक डिलीवरी रूम को साधारण डिलीवरी रूम में जोड़ने की सलाह दी। इस मौके पर जिला क्वालिटी मैनेजर हरप्रीत और श्रवण भी उपस्थित रहे।
जिलास्तरीय टीम ने भी निकाली थी कमियां
एनक्वास के पहले चरण के लिए पिछले सप्ताह हिसार से आई जिला स्तरीय दो सदस्य चिकित्सकों की टीम ने अस्पताल में निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल में कमियां जांची। साथ ही स्टॉफ को ट्रेनिंग दिलवाने की सलाह ही। साथ ही सफाई व्यवस्था सुधारने के लिए कहा। खस्ताहाल दीवारों को देखकर पेंट करवाने के लिए कहा। अब
यह है सर्टिफिकेशन की प्रक्रिया
एनक्वास सर्टिफिकेट प्राप्त करने से पहले अस्पताल का तीन चरणों में मूल्यांकन किया जाता है। आंतरिक मूल्यांकन, इसमें जिला अस्पताल की अपनी टीम ही कमियों की पहचान करती है। राज्य स्तरीय मूल्यांकन में राज्य स्वास्थ्य विभाग की टीम जांच करती है। उसके बाद राष्ट्रीय मूल्यांकन, जिसमें केंद्रीय टीम के अंतिम निरीक्षण के बाद स्कोर के आधार पर सर्टिफिकेट दिया जाता है।
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नागरिक अस्पताल में एनक्वास की एक्सटर्नल असेसर डॉ़ दिव्या ने निरीक्षण किया था। इस दौरान उन्होंने मरीजों को दी जाने वाली सुविधाएं बेहतर करने के लिए जो सलाह दी है। इस पर काम किया जाएगा ताकि मरीजों को परेशानी न हो।- डॉ़ राहुल बुद्धिराजा, एसएमओ, नागरिक अस्पताल।