हिसार। अर्थ एवं सांख्यिकीय कार्य विभाग की ओर से जिला सांख्यिकी कार्यालय के माध्यम से गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय (जीजेयू) में वीरवार को सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में सांख्यिकीय आंकड़ों की भूमिका पर केंद्रित एकदिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिले के विभागों, विद्यालयों, विश्वविद्यालयों, राज्य सरकार के उपक्रमों और भारत सरकार के स्थानीय कार्यालयों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सांख्यिकीय डाटा के महत्व और उसके सही उपयोग की जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य विभागीय कर्मचारियों को डाटा संग्रह, संकलन, सत्यापन और रिपोर्टिंग की प्रक्रिया में दक्ष बनाना था, ताकि तैयार होने वाले सांख्यिकीय आंकड़े अधिक विश्वसनीय हों और नीतिगत निर्णयों में प्रभावी रूप से उपयोग किए जा सकें। राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण कार्यालय की सहायक निदेशक मनीषा यादव ने केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों के निर्धारण में वर्तमान सर्वेक्षणों की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं के स्वरूप और दिशा तय करने में यही आंकड़े आधार बनते हैं।
वरिष्ठ सांख्यिकीय अधिकारी अजीत कुमार ने आंकड़ों के संकलन और संग्रहण को अधिक पारदर्शी, विश्वसनीय और उपयोगी बनाने के तरीकों पर प्रशिक्षण दिया। जिला सांख्यिकीय अधिकारी अमित ने नीति निर्माण में इन आंकड़ों के महत्व और वास्तविक उपयोग पर विस्तार से जानकारी दी। सांख्यिकीय कार्य विभाग के उपनिदेशक जयवीर सिंह, जीजेयू के डॉ. एनके बिश्नोई और अर्थशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. अश्वनी कुमार ने भी डाटा संग्रह, सत्यापन और रिपोर्टिंग की प्रक्रियाओं पर अपने विचार साझा किए।