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Hisar News: चंडीगढ़ की बैठक में हांसी के जिला बनने की उम्मीदें कायम, सब कमेटी ने सौंपी रिपोर्ट

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चंडीगढ़ में बैठक में मौजूद विधायक विनोद भयाना।  स्रोत : स्वयं
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हांसी। प्रदेश में नए जिले बनाने के लिए मंगलवार को चंडीगढ़ में आयोजित कैबिनेट सब-कमेटी की बैठक में हांसी को जिला बनाने का मुद्दा उठाया गया। बैठक में हांसी के विधायक विनोद भयाना भी शामिल हुए और उन्होंने हांसी को पूर्ण जिला बनाने का समर्थन किया।
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कैबिनेट की सब-कमेटी ने इस संबंध में रिपोर्ट तैयार कर मुख्यमंत्री नायब सैनी को भेज दी है। सब-कमेटी ने मंगलवार को चंडीगढ़ में बैठक की, जिसमें हांसी को जिला बनाने की संभावना पर चर्चा हुई। हालांकि इस समय हांसी और नारनौंद में केवल 95 गांव हैं, जबकि नए जिले के लिए कम से कम 125 गांव होना आवश्यक है। इस लिहाज से 30 गांवों की कमी खल रही है। हालांकि हांसी को नया जिला बनाया जाएगा या नहीं, अंतिम फैसला मुख्यमंत्री ही लेंगे। वहीं, आगामी दस दिनों में मुख्यमंत्री की हांसी में रैली होने की भी संभावना है। यदि रैली होती है, तो हो सकता है कि जिले की घोषणा के एलान का भी अवसर बने। हांसी पहले से पुलिस जिला भी है।


12 वर्षों से जारी है संघर्ष
हांसी को जिला बनाने की मांग जून 2013 में हांसी जिला बनाओ संघर्ष समिति ने उठाई थी। जिला बनाने की जबरदस्त मांग को देखते हुए तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने वर्ष 2016 में अनाज मंडी में हुई रैली में हांसी को पुलिस जिला बनाया था। तब से यहां पुलिस अधीक्षक बैठते हैं। लेकिन अब पूर्ण राजस्व जिला बनाने को लेकर लगातार मांग की जा रही है।
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मुख्यमंत्री कर चुके हैं घोषणा
18 अगस्त 2024 को हांसी में मुख्यमंत्री ने चुनावी जनसभा की थी। जनसभा से एक ही दिन पहले चुनावी आचार संहिता लगी थी। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा था कि दोबारा मुख्यमंत्री बनते ही हांसी को जिला बनाने का काम करेंगे। मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने हांसी में कोई रैली नहीं की है। हालांकि मई में मुख्यमंत्री की रैली प्रस्तावित थी। लेकिन भारत पाकिस्तान के बीच तनाव पूर्ण माहौल के दौरान रैली स्थगित की गई थी।


गांव भी जुड़ने के इच्छुक
हांसी को जिला बनाने की मांग को समर्थन देते हुए बीते वर्ष बवानी खेड़ा की 22 ग्राम पंचायतों ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को सहमति पत्र सौंपा था। सरपंचों ने कहा कि केवल अदालत के काम के लिए ही उन्हें भिवानी जाना पड़ता है, जबकि अन्य सरकारी विभागों के कार्य हांसी में ही होते हैं। हालांकि, इन गांवों को हांसी में शामिल करने से बवानी खेड़ा हल्के के गांवों की संख्या कम हो जाएगी। ऐसे में फिलहाल इन गांवों को हांसी जिले में जोड़ने पर निर्णय नहीं लिया गया है।




सब कमेटी की बैठक में शामिल होकर हांसी को जिला बनाने की मांग रखी है। जिला बनाने के लिए अंतिम फैसला मुख्यमंत्री को लेना है। रैली के लिए मुख्यमंत्री से मुलाकात करूंगा। - विनोद भयाना, विधायक, हांसी।
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