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Hisar News: अग्रोहा टीले का उत्खनन जल्द फिर से शुरू होगा, पर्व मंत्री निरीक्षण करने पहुंचे

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अग्रोहा टीले पर खोदाई का निरीक्षण करने पहुंचे पूर्व मंत्री असीम गोयल व अन्य।  
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हिसार। ऐतिहासिक पुरातात्विक स्थल अग्रोहा टीले पर गत सप्ताह बंद किया गया खोदाई कार्य जल्द शुरू होगा। बीती 17 मार्च को पांच दिन खोदाई के बाद से यह कार्य बंद है। यहां जो पुरावशेष मिले, उन्हें अभी प्लास्टिक के तिरपाल से ढका हुआ है। खोदाई कार्य का औपचारिक उद्घाटन करने के लिए मंगलवार को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को आना था, लेकिन उनका दौरा स्थगित करने के कारण इस कार्य को टाल दिया। उधर, अग्रोहा पहुंचे पूर्व मंत्री असीम गोयल उत्खनन साइट पर पहुंचे और विभागीय अधिकारियों से उत्खनन संबंधी जानकारी ली ।
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पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग की उप निदेशक बनानी भट्टाचार्य ने बताया कि अभी खोदाई कार्य बंद है। दिल्ली से पंडित दीन दयाल उपाध्याय पुरातत्व संस्थान के 2025 बैच के छात्रों को यहां प्रशिक्षण शिविर चल रहा है। ये विद्यार्थी खोदाई के कार्य में सहयोग व पुरावशेषों के सत्यापन का कार्य करेंगे। बंद कार्य को जल्द फिर से शुरू करेंगे। आज सीएम के नहीं आने से उत्खनन कार्य का औपचारिक उद्घाटन टाल दिया है। उन्होंने बताया यहां 1888-89 में सीजे रोजर्स की निगरानी में पहली बार खोदाई की गई थी। इसके बाद 1938-39 में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के एचएल श्रीवास्तव के नेतृत्व में लगभग 3.65 मीटर गहराई तक पुन: खोदाई की गई। तीसरी बार हरियाणा सरकार के पुरातत्व और संग्रहालय विभाग के पीके शरण और जेएस खत्री की निगरानी में 1978-84 में खोदाई की गई। बीते 12 मार्च को करीब 40 साल बाद फिर से उत्खनन शुरू किया गया। यहां मिले पुरावशेषों में सिक्के, टेराकोटा की वस्तुएं, मुहर, सीलिंग, पत्थर की मूर्तियां, खेलने की चीजें, विभिन्न सामग्रियों के आभूषण आदि शामिल हैं।
धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने आए गोयल

पूर्व मंत्री असीम गोयल अग्र विभूति स्मारक में आयोजित एक धार्मिक कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे थे। वहां से उन्हें अग्रोहा टीले के खोदाई स्थल पर ले जाया गया। इस दौरान उन्होंने विभागीय अधिकारियों से जानकारी ली। इस दौरान गोयल ने कहा कि अग्रोहा के पुरातात्विक स्थल को महाराजा अग्रसेन की राजधानी माना जाता है। अग्रोहा शहर तक्षशिला और मथुरा के बीच प्राचीन व्यापार मार्ग पर स्थित था। इसलिए यह फिरोज शाह तुगलक (1351-88 ई.) के हिसार-ए-फिरोजा (हिसार-1354 ई.) की नई बस्ती के अस्तित्व में आने तक वाणिज्यिक और राजनीतिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण केंद्र बना रहा।
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खोदाई कार्य के उद्घाटन की चर्चा फैली
अग्रोहा टीले की खोदाई कार्य का औपचारिक तौर पर शुभारंभ करने के लिए सीएम नायब सिंह सैनी, शहरी निकाय मंत्री विपुल गोयल और पर्यटन मंत्री अरविंद शर्मा को आना था। सीएम का कार्यक्रम स्थगित होने से यहां कोई नहीं पहुंचा। पूर्व मंत्री असीम गोयल खोदाई स्थल का निरीक्षण करने पहुंचे तो चर्चा फैल गई कि सीएम और अन्य आमंत्रित अतिथियों के न आने पर असीम गोयल ने इस कार्य का औपचारिक उद्घाटन कर दिया, लेकिन बाद में पुरातत्व विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किय कि खोदाई कार्य अभी बंद है, गोयल केवल निरीक्षण करने आए थे।
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