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जांच में हर तीसरा व्यक्ति संक्रमित, 950 नए संक्रमित मिले

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हिसार। जिले में कोरोना से हालात लगातार बेकाबू होते जा रहे हैं। जांच करने पर हर तीसरा व्यक्ति कोरोना संक्रमित मिल रहा है। बुधवार को 950 नए संक्रमित मरीज मिले। जिले में 18 संक्रमितों की उपचार के दौरान मौत हो गई। जिले में अब तक 528 मरीजों की कोरोना से मौत हो चुकी है। वहीं, जिला नागरिक अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड में सभी बेड फुल हो चुके हैं। जिस कारण बुधवार को अस्पताल में उपचार के लिए पहुंचे दो बुजुर्ग मरीजों को समय पर दाखिल नहीं किया गया। करीब एक घंटे तक दोनों मरीज आइसोलेशन वार्ड के बाहर तड़पते रहे। बाद में दोनों मरीजों को आइसोलेशन वार्ड में दाखिल कर लिया गया।
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इससे पहले भी 23 अप्रैल को ऐसा ही हाल देखने को मिला था। उस दौरान भी एक बुजुर्ग महिला को अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड में बेड नहीं मिला था। जिस कारण तीमारदार मजबूरी में मरीज को निजी अस्पताल में लेकर गए थे। उस दौरान भी अस्पताल में सभी आइसोलेशन बेड फुल थे। जिसके बाद आइसोलेशन वार्ड में 40 बेड की व्यवस्था बढ़ाई गई थी। बेड की संख्या विस्तारित होने के बाद भी सभी बेड भर चुुके हैं। लैब से हर रोज 3 हजार के आसपास सैंपल की रिपोर्ट आ रही है। अब हर तीसरे 3 सैंपल में एक पॉजिटिव मिल रहा है। पिछले साल 10 से 12 सैंपल में एक पॉजिटिव मिलता था। पिछले 3 दिनों से स्वास्थ्य विभाग की सैंपलिंग पर भी असर हुआ है। पिछले सप्ताह की तुलना में सैंपलिंग कम हो गई है। रैंडम सैंपलिंग को मिलाकर भी 2000 से 2500 तक सैंपल लिए जा रहे हैं। पिछले सप्ताह यह संख्या 4000 तक थी। स्वास्थ्य विभाग का तर्क है कि लॉकडाउन के कारण बहुत कम लोग घरों से बाहर निकल रहे हैं, जिस कारण सैंपलिंग कम हुई है।
अब सैंपल देते समय प्रत्येक मरीज का आईडी प्रूफ सही तरह से जांच किया जा रहा है। जिससे सभी मरीजों की जल्द पहचान हो। मरीजों के आईडी प्रूफ की प्रक्रिया को जांचने के लिए विभागीय अधिकारी भी फील्ड में औचक निरीक्षण करने भी पहुंचे।
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5 से 6 घंटे तक नहीं की देखभाल
हांसी के बड़सी गांव निवासी महावीर प्रसाद ने बताया कि बुधवार सुबह वह अपनी बुजुर्ग माता को जांच के लिए जिला अस्पताल में लेकर आए थे। उनको बलगम, खांसी और सांस की शिकायत है। पहले आपातकालीन वार्ड में गए थे। वहां से चिकित्सकों ने आइसोलेशन वार्ड में रेफर कर दिया। आइसोलेशन वार्ड के बाहर आकर करीब 5 से 6 घंटे तक खड़े रहे। किसी ने सुध नहीं ली। बाद में टेस्ट किया तो रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई है। अब बुधवार शाम करीब 5 बजे चिकित्सकों ने वार्ड में दाखिल करने की कही है। अभी वार्ड में बेड खाली करवाने की व्यवस्था की जा रही है।
ऑक्सीजन लेवल नीचे मिलने पर करते हैं अस्पताल में रेफर
होम आइसोलेट प्रभारी डॉ. अनिल ने बताया कि होम आइसोलेट में केवल उन्हें मरीजों को रखा जाता है, जिनका ऑक्सीजन लेवल 94 से ऊपर हो। इस बीच यदि किसी मरीज की हालत बिगड़ती है या ऑक्सीजन लेवल 94 से नीचे मिलता है तो उसे अस्पताल में शिफ्ट करवाते हैं। इस बारे में अधिकारियों को भी सूचना दी जाती है, ताकि बेड की व्यवस्था हो। हमारा कुछ स्टाफ संक्रमण की चपेट में आ गया था, जिससे मरीजों को इलाज पहुंचाने में देरी हुई।
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