हिसार एसटीएफ को जानकारी मिली कि विनय तथा अजीत बाइक पर सवार होकर बाइपास से गुजर रहे हैं। एसटीएफ ने दोनों का पीछा किया। गांव पीरांवालीं के पास एक ब्रेकर पर उनकी बाइक फिसल गई।
चंडीगढ़ में बम धमाके करने के मामले में शुक्रवार रात हिसार एसटीएफ ने गोल्डी बराड गैंग के दो गुर्गाें को मुठभेड़ में दबोच लिया। दोनों के पैर में गोली लगने से नागरिक अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। दोनों ओर से 20 से अधिक फायर हुए। एसटीएफ के दो कर्मचारियों की बुलेट प्रूफ जैकेट पर गोली लगी। बदमाशों की पहचान गांव देवा निवासी विनय और खरड़ निवासी अजीत के रूप में हुई है। विनय बीए अंतिम वर्ष का छात्र है।
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पुलिस के अनुसार गोल्डी बराड़ के कहने पर चंडीगढ़ के सेक्टर 26 में ब्लास्ट करने के आरोपी विनय तथा अजीत का हिसार की एसटीएफ और पंजाब, राजस्थान व चंडीगढ़ पुलिस की टीम भी पीछा कर रही थी। शुक्रवार की शाम हिसार एसटीएफ को जानकारी मिली कि विनय तथा अजीत बाइक पर सवार होकर बाइपास से गुजर रहे हैं। एसटीएफ ने दोनों का पीछा किया। गांव पीरांवालीं के पास एक ब्रेकर पर उनकी बाइक फिसल गई।
एसटीएफ को अपने पीछे देखकर बदमाशों ने पुलिस की टीम पर गोलियां चला दीं। इस दौरान एसआई संदीप और अनूप की बुलेट प्रूफ जैकेट पर गोली लगी। जवाब में एसटीएफ ने भी फायरिंग की। विनय और अजीत के पैर में गोली लगने से उन्हें वहीं दबोच लिया। मौके पर पहुंचे एसटीएफ के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा, शनिवार को प्रेस कॉंफ्रेंस कर घटनाक्रम की पूरी जानकारी दी जाएगी।