हांसी। सेवा संकल्प अभियान के तहत स्थानीय राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) में सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज आयोजित किया गया। नवाचार, तकनीकी दक्षता, व्यक्तित्व विकास और वैश्विक रोजगार की संभावनाओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित कार्यक्रम मेंविद्यार्थियों ने ऑनलाइन नवाचार आइडिया साझा कर अपनी रचनात्मक सोच और तकनीकी क्षमता का प्रदर्शन किया।
साथ ही कॅरिअर निर्माण, अनुशासन, समय प्रबंधन, सॉफ्ट स्किल्स और विदेशी भाषाओं के महत्व पर प्रेरक कार्यशाला आयोजित की गई।मोटिवेशनल स्पीकर सुरेश कुमार ने कहा कि सफलता के लिए तकनीकी ज्ञान के साथ अनुशासन, सकारात्मक सोच, अच्छी आदतें और समय प्रबंधन भी जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों से लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर प्रयास करने और असफलताओं से सीख लेने का आह्वान किया।
जर्मन पाठशाला, हिसार के विशेषज्ञ प्रणय दीक्षित ने जर्मन भाषा की उपयोगिता बताते हुए कहा कि आईटीआई से तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त युवा जर्मन भाषा में दक्षता हासिल कर अंतरराष्ट्रीय रोजगार के अवसरों का लाभ उठा सकते हैं। उन्होंने जर्मनी में रोजगार, कॅरिअर, भाषा सीखने की प्रक्रिया और वर्क वीजा से जुड़े पहलुओं की जानकारी दी और विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया।
संस्थान के प्रधानाचार्य भूप सिंह ने कहा कि प्रतिस्पर्धा के दौर में तकनीकी शिक्षा के साथ नवाचार, सॉफ्ट स्किल्स और विदेशी भाषाओं का ज्ञान भी महत्वपूर्ण है। उप-प्रधानाचार्य अनुज ने विद्यार्थियों से तकनीकी कौशल के साथ नई भाषाएं और तकनीक सीखने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का मंच संचालन वर्ग अनुदेशक विजय दलाल ने किया। उन्होंने तकनीकी हुनर के साथ संवाद कौशल, आत्मविश्वास और व्यवहारिक ज्ञान विकसित करने पर जोर दिया। कार्यक्रम में ‘जर्मन पाठशाला’ की प्रबंध निदेशक मोनिका पांडे, संस्थान के स्टाफ सदस्य और विद्यार्थी मौजूद रहे।