निगम ने तकनीकी गलती बताया, सुधार के बाद 8.74 लाख रुपये का संशोधित बिल भेजा गया
संवाद न्यूज एजेंसी
हांसी। बड़सी गेट स्थित खरड़िया ऑयल मिल के मालिक को बिजली निगम की ओर से दो माह का 36 करोड़ 57 लाख 51 हजार 114 रुपये का बिजली बिल भेजे जाने से हड़कंप मच गया। बिल में 53 लाख 74 हजार रुपये का सरचार्ज भी जोड़ा गया था। बिल देखकर फैक्टरी मालिक चंद्रभान खरड़िया हैरान रह गए और मामला व्यापारिक संगठनों तक पहुंचा। बाद में बिजली निगम के अधिकारियों ने इसे तकनीकी गलती बताया। सुधार के बाद फैक्टरी मालिक को 8.74 लाख रुपये का संशोधित बिल भेजा गया।
हांसी व्यापार मंडल के प्रधान प्रवीण तायल ने इस घटना पर कड़ा विरोध जताते हुए कहा कि यह बिजली निगम की घोर लापरवाही को दर्शाता है। इस तरह के गलत बिल आम उपभोक्ताओं को मानसिक तनाव में डालते हैं और निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं।
पीड़ित ने बताया कि उनकी फैक्टरी का मासिक बिजली बिल सामान्यतः 4 से 5 लाख रुपये आता है, जबकि दो माह का बिल करीब 9 लाख रुपये बनता है। उनका कोई भी बिजली बिल लंबित नहीं है और भुगतान समय पर किया जाता है। इसके बावजूद बिल समय पर नहीं भेजा जाता और अधिकारियों से कहकर मंगवाना पड़ता है। व्यापारियों का कहना है कि यदि समय रहते यह गलती पकड़ी न जाती तो फैक्टरी मालिक को भारी परेशानी झेलनी पड़ती। उन्होंने बिजली निगम से बिलिंग प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की है।
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फैक्टरी का बिजली बिल तकनीकी त्रुटि के कारण गलत जारी हो गया था। नई रीडिंग के अनुसार 1.17 लाख यूनिट की खपत को आधार बनाकर बिल को ठीक कर दोबारा भेज दिया गया है। -सुरिंद्र मेहरा, एक्सईएन, बिजली निगम