बिजली उपभोक्ताओं को चेक जमा करवाते वक्त पूरी एहतियात बरतनी होगी। बिजली निगम द्वारा बिजली उपभोक्ताओं के लिए नई गाइड लाइन जारी की गई है। इसके अनुसार बिजली उपभोक्ताओं को बिजली बिल चेक द्वारा जमा करने पर यदि बैंक खाते में पर्याप्त राशि न होने पर व किसी अन्य कारण से चेक बाउंस होते है तो ऐसे में बिजली उपभोक्ताओं को बिजली बिल की 14 प्रतिशत राशि जुर्माने के रूप में जमा करवानी होगी। गौरतलब है कि बिजली निगम द्वारा पहले चेक बाउंस होने पर सिर्फ एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाता था।
50 प्रतिशत चेक होते है बाउंस
शहर में 1 लाख 4 हजार के करीब बिजली उपभोक्ता है, जिनमें से 40 प्रतिशत बिजली उपभोक्ता चेक द्वारा बिल जमा करते है। लेकिन इनमें से 50 प्रतिशत चेक बाउंस होते हैं।
10 हजार के बिल पर लगेगी 1625 रुपये की चपत
नई गाइड लाइन के अनुसार यदि कोई बिजली उपभोक्ता 10 हजार बिल की राशि चेक द्वारा जमा करवाता है। और उसका जमा करवाया चेक बैंक खाते में पर्याप्त राशि न होने के कारण बाउंस हो जाता है, तो ऐसे में उसे 10 हजार रुपये की बजाय 11625 रुपये की राशि जमा करनी होगी। उपभोक्ता को 10 हजार रुपये के बिजली बिल की राशि पर 75 रुपये बैंक चार्ज, 150 रुपये बिजली सरचार्ज के साथ 14 प्रतिशत यानी 1400 रुपये की राशि पेनल्टी के रूप में जमा करवानी होगी।
तो लगेगी 1225 रुपये की पेनल्टी
वहीं बैंक खाते में पर्याप्त राशि होने पर यदि चेक में नाम, हस्ताक्षर व कटिंग की गलती होने या किसी अन्य कारण से चेक बाउंस होता है, तो ऐसे में बिजली उपभोक्ता को 10 हजार रुपये की बिजली बिल की राशि पर 1225 रुपये की पेनल्टी लगेगी। ऐसे में बिजली उपभोक्ता को 10 हजार रुपये की बिल की राशि के साथ 75 रुपये बैंक चार्ज, 150 रुपये बिजली सरचार्ज तथा 1 हजार की राशि जुर्माने के रूप में भरनी होगी।
चेक से अधिक होता है भुगतान
बिजली निगम के अनुसार बिजली उपभोक्ताओं द्वारा जमा करवाए गए बिलों की राशि को देखें तो नकद की बजाय चेक द्वारा जमा की गई राशि अधिक पाई जाती है। उदाहरण के तौर पर मौजूदा 20 अक्तूबर के दिन जमा की गई बिलों की राशि को देखें तो पूरे दिन में 14 लाख 49 हजार 964 रुपये की राशि बिल की राशि के रूप में प्राप्त हुई, जिसमें से 4 लाख 62 हजार की राशि नकद के रूप में तो 9 लाख 87 हजार 929 रुपये की राशि चेक द्वारा प्राप्त हुई है।