सामाजिक संगठनों ने अपना फर्ज निभाते हुए बेघर हुए झुग्गी वासियों के घरों से पानी निकाला। मदद संस्था के अध्यक्ष संजीव भोजराज ने अन्य लोगों के सहयोग से ट्रैक्टर के साथ पंपसेट जोडकर पानी की निकासी कराई। देर रात तक पानी निकाल दिया गया। गरीबों के लिए प्रशासन के पास कोई व्यवस्था नहीं है।
करीब 350 झुग्गी नहर टूटने के कारण जल मग्न हो गई थी। सैंकडों परिवारों से सिर से आशियाना छिन गया। प्रशासन की ओर से पानी निकासी के लिए कोई प्रबंध नहीं किया गया। झुग्गियों से निकालने से लेकर खाना उपलब्ध कराने तक हर जगह सामाजिक संगठनों ने ही प्रयास किया।इन संगठनों ने मंगलवार, बुधवार तथा बृहस्पतिवार को गरीब परिवारों को खाना उपलब्ध कराया।
अस्थाई तौर पर कुछ टैंट उपलब्ध कराए। प्रशासन की ओर से पानी निकासी के लिए उम्मीद की जा रही थी।दो दिन में प्रशासन की ओर से इस बारे में कोई प्रयास नहीं किया गया। बृहस्पतिवार को सामाजिक संगठनों ने यह काम भी अपने स्तर पर ही करने का प्रयास किया। मदद संगठन के अध्यक्ष संजीव भोजराज ने ट्रैक्टर के साथ पंपसेट को जोडकर पानी निकासी शुरू कराई।
करीब 8 से 9 घंटे बाद में अधिकतर हिस्से से पानी की निकासी करा दी गई। फिलहाल यहां कीचड होने के कारण झुग्गियों को वापस नहीं लगाया जा सका। सामाजिक संगठनों के सदस्यों ने कहा कि अधिकतर झुग्गियों के टैंट फट गए हैं। लोग इन परिवारों के लिए टैंट का दान करेंगे तो उनका सहयोग होगा।
सिंचाई विभाग की टीम ने जांची मजबूती....
सिंचाई विभाग की एक टीम ने बृहस्पतिवार को बालसमंद सब ब्रांच का मुआयना किया। जिसमें नहर के किनारों की मजबूती जांची गई। नहर के किनारे गिरने की हालात के पेडों के बारे में ब्यौरा जुटाया। नहर में पानी की मात्रा को लेकर भी रिपोर्ट तैयार की।
बिजली निगम के कर्मचारियों ने सेक्टर 16-17 एरिया , पटेल नगर, कैमरी रोड, साऊथ बाइपास पर गिरे खंभों को वापस लगवाया। इस सडक पर गिरे पेडों को मौके से हटाया गया। सडक पर बने गड्ढों को मिट्टी से भरने का काम किया।