एडीशनल सेशन जज जयबीर की अदालत ने हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के मामले में कोर्ट की निगरानी में ई-ऑक्सन का निर्देश दिया है। सेक्टर 16-17 के यह प्लॉट अब अदालत की निगरानी में ही ऑक्सन किए जाएंगे।
अदालत ने बुधवार को इस मामले की सुनवाई करते हुए ई ऑक्सन अदालत की निगरानी में कराने की प्रोसेडिंग कराने के आदेश दिए हैं। दस दिन पहले पर कोर्ट ने स्टे कर दिया था। साथ ही प्रभावितों को हुडा मुख्यालय के अकाउंट से पैसा जारी करने के आदेश दिए हैं। एडवोकेट कमल राज लंबोरिया ने बताया कि हांसी के सेक्टर 5 में शांति देवी, अजीत कुमार, मीना व सुरेशी चार शेयर होल्डर्स की करीब ढाई एकड़ से ज्यादा जमीन 28 अगस्त वर्ष 2005 में एक्वायर हुई थी। 3 अगस्त वर्ष 2007 में अवार्ड हुए थे। उस वक्त उन्हें करीब 300 रुपये प्रति स्क्वेयर यार्ड के हिसाब से मुआवजा दिया गया। जमीन मालिक इस रेट से संतुष्ट नहीं थे।
उन्होंने अपनी जमीन की कम कीमत मिलने पर ऑब्जेक्शन किया और मामला कोर्ट में चला गया। एडीजे सुदेश कुमार शर्मा की कोर्ट ने 31 मई 2014 में याची को 1 हजार प्रति स्क्वेयर यार्ड के हिसाब से मुआवजा देने के ऑर्डर किए। मगर हुडा ने नहीं दिए। एडवोकेट के अनुसार हुडा की तरफ करीब 6 करोड़ रुपये के आसपास बकाया है। कोर्ट ने हुडा द्वारा 10 जनवरी को की जाने वाली सेक्टर 16-17 की ई ऑक्सन पर स्टे कर दिया। इसके अलावा डीसी हिसार की गाड़ी, हुडा ऑफिस व चंडीगढ़ ऑफिस का एकाउंट अटैच कर दिया था।