सांसद दुष्यंत चौटाला की तीसरी आंख प्रोजेक्ट को पॉलिटिकल नजर लग गई। सांसद ने सीसीटीवी लगवाने के लिए करीब 23 लाख रुपये जारी किए थे। शहर के प्रमुख चौराहों, सुंदर नगर तथा हांसी के लिए जारी किया यह बजट विभागों ने वापस लौटा दिया है।
सांसद दुष्यंत चौटाला ने शहर के प्रमुख चौक चौराहों पर सीसीटीवी लगाने के लिए पिछले साल 15 लाख रुपये का चेक दिया था। इसमें सीसीटीवी लगाने के लिए पहले नगर निगम को बजट दिया गया। निगम ने सीसीटीवी लगवाने से इनकार कर दिया। इसके बाद पीडब्ल्यूडी को यह पैसा दिया गया। पीडब्ल्यूडी भी सीसीटीवी लगवाने में नाकाम रहा। इसके बाद पुलिस महकमे को सीसीटीवी का जिम्मा सौंपा गया। पुलिस की ओर से भी इस काम को पूरा नहीं कराया गया। आखिर में यह चेक वापस सांसद निधि में वापस भेज दिया गया। सांसद दुष्यंत चौटाला ने सुंदर नगर के लोगों की मांग पर यहां सीसीटीवी के लिए मंजूरी दी थी।
सर्वे के बाद यहां 2.86 लाख रुपये का प्रस्ताव तैयार किया गया। सांसद ने ग्रांट का चेक जारी कर दिया। कुछ दिन बाद नगर निगम ने खुद को सीसीटीवी लगाने में असमर्थ जाहिर कर दिया। निगम अधिकारियों ने मुख्यालय के निर्देशों का हवाला देते हुए कहा कि प्रदेश भर में सीसीटीवी के लिए एक टेंडर किया जाएगा। हांसी के मॉडल टाउन एरिया के लोगों ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए सांसद दुष्यंत से सीसीटीवी लगावाने का अनुरोध किया था। जिस पर सांसद ने इसके लिए प्रपोजल मांगा। इसमें करीब 5 लाख रुपये का खर्च बताया गया। सांसद ने मॉडल टाउन एरिया को सीसीटीवी से लैस करने के लिए चेक जारी कर दिया। कुछ दिन बाद हांसी नगर निगम की ओर से भी यह चेक वापस लौटा दिया गया।
संसद में भी उठाया था सवाल
सांसद निधि से होने वाले कामों में देरी का मामला दुष्यंत चौटाला ने लोकसभा में भी उठाया था। संसद में उन्होंने कहा कि बजट जारी करने के कई कई महीने बाद तक काम शुरू नहीं किए जाते। काम शुरू करने में देेरी के कारण काम लटके रहते हैं। इस कारण सांसद निधि की अगली ग्रांट जारी होने में दिक्कत आती है।
प्रदेश सरकार विकास कार्य नहीं चाहती। सांसद निधि की ग्रांट से होने वाले काम खासतौर पर अटकाने का प्रयास रहता है। सीसीटीवी के लिए तीन मदों पर करीब 23 लाख रुपये जारी किए थे। जिन्हें स्थानीय अधिकारी खर्च करने में नाकाम रहे।
- दुष्यंत चौटाला, सांसद, हिसार