सिरसा। ड्रग मुक्ति टीम ने रानियां क्षेत्र को नशा मुक्त करने की दिशा में कार्य शुरू कर दिया है। अभियान के दूसरे चरण में टीम ने ओटू, रानियां व इसके आसपास के ड्रग्स के मामले में संवेदनशील गांवों को चिन्हित कर लिया है। ओटू व रानियां के साथ-साथ अभोली, फिरोजाबाद, अबुतगढ़ चकराइयां व चक साहिबा आदि गांवों को शामिल किया है।
टीम एक माह में इन सभी गांवों व कस्बों में सर्वे कर ड्रग्स पीडितों की पहचान कर उनका उपचार शुरू करवाएगी। टीमें इन गांवों में ड्रग्स तस्करों के नामों की सूची भी तैयार करेगी ताकि उन पर भी प्रभावी रूप से कानूनी कार्रवाई की जा सके। एडीजीपी कार्यालय के प्रवक्ता व अभियान के नोडल अधिकारी ने बताया कि उनकी नशा मुक्ति टीम पिछले दो दिन से गांव ओटू में डोर टू डोर सर्वे का कार्य कर रही हैं। सर्वे के दौरान टीम ने गांव के लगभग एक दर्जन युवाओं की पहचान की है। जो किसी न किसी प्रकार के नशे से प्रभावित हैं।
अभियान के दौरान ड्रग्स से प्रभावित युवाओं ने पुलिस टीम से सहयोग मांगा है। युवा स्वेच्छा से इस बुराई को छोड़कर अपना जीवन सुधारना चाहते हैं। कुछ युवाओं ने कहा कि वे स्वयं इस बुराई का त्याग कर अन्य लोगों को भी ड्रग्स जैसी बुराई से बचाने के लिए कार्य करेंगे। टीम ने सभी युवाओं व उनके परिवार के लोगों की काउंसिलिंग की है। उन्हें जल्द ही उनका चेकअप, काउंसिलिंग व उपचार शुरू करवाकर इन युवाओं को मुख्यधारा में जोड़ा जाएगा। इस अवसर पर गांव के सरपंच सरनजीत, ग्राम सचिव रामस्वरुप, पंच बलदेव सिह, मिलखराज समाजसेवी व हरविन्द्र सहित अनेक ग्रामीण व युवा उपस्थित रहे।