हिसार। अगर आप सूर्य नगर अंडरपास से गुजर रह हैं तो जरा संभलकर चलें। धुंध में यह आधा अधूरा अंडरपास व निर्माणाधीन स्थल खतरनाक साबित हो रहा है। अंडरपास में कई जानलेवा प्वाइंट बने हुए हैं। अगर जरा की चूक हुई तो जान पर भी बन सकती है। हैरानी की बात यह है कि ठेकेदार व संबंधित विभाग के अधिकारी भी इन पर सुध नहीं ले रहे हैं। शनिवार शाम को अंडरपास में हुए हादसे के बाद भी सुरक्षा के नाम पर सिर्फ औपचारिकता ही पूरी की गई है।
बता दें कि संंबंधित अधिकारियों व एजेंसी ने सूर्य नगर अंडरपास को बिना पूरा किए वाहनों के लिए खोल तो दिया है, मगर इसमें कई कार्य अभी तक अधूरे पड़े हैं। जिनके बिना यह लोगों के लिए सुविधा कम, हादसे का स्थल ज्यादा बन गया है। इसी कारण से शनिवार शाम को एक कार 12 फीट नीचे अंडरपास में गिरकर पलट गई। गनीमत रही कि उस समय कोई वहां से गुजर नहीं रहा था वरना कोई बड़ा हादसा भी हो सकता था।
ये हैं जानलेवा प्वाइंट
- निर्माणाधीन स्थल पर गार्डर रखे हुए हैं। इन गार्डर से सरिये बाहर निकले हुए हैं। वाहन चालक भी इन्हीं गार्डर के पास से रात-दिन गुजरते हैं। रात के समय या धुंध में ये सरिये हादसे का कारण बन सकते हैं।
- शनिवार रात जहां हादसा हुआ, वहां उसके बाद वह अधिकारियों ने लोहे के गार्डर रखवा दिए हैं। मगर ये भी काफी नहीं हैं। इनकी जगह अधिकारियों को सीसी के क्रश बैरियर रखवाने चाहिए।
- दोनों अंडरपास में कुछ दीवार अभी तक अधूरी पड़ी है। वहां से कभी भी मिट्टी का कटाव हो सकता है। वह मिट्टी वहां से गुजर रहे वाहनों चालकों पर गिर सकती है।
- सेक्टर 1-4 की तरफ से वाले अंडरपास का रास्ता काफी उबड़-खाबड़ भरा है। इस कारण दुपहिया वाहन चालकों को अंडरपास से गुजरते समय काफी दिक्कत आती है।
ये हैं समस्याएं
- निर्माणाधीन स्थल पर दिन में कई दफा जाम लगता है। वाहनों को नियंत्रित करने के लिए यहां ट्रैफिक का कोई कर्मचारी तैनात नहीं किया गया है।
- यहां दिन भर धूल उड़ती रहती है। इसे लेकर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को भी शिकायत की जा चुकी है, लेकिन इस पर कोई संज्ञान नहीं लिया जा रहा है।
- रात के समय अंडरपास में लाइट की कोई व्यवस्था नहीं है। इस कारण से भी यहां से गुजरने वालाें को काफी परेशानी आती है।
अधिकारी अप्रैल तक काम पूरा होने का कर रहे दावा, पर वास्तविक देख लगा रहा मुश्किल
उधर बीएंडआर के अधिकारी दावा कर रहे हैं कि 30 अप्रैल तक कार्य पूरा कर दिया जाएगा। मगर जिस गति से कार्य चल रहा है, उस हिसाब से यह दावा आधारहीन लग रहा है। अभी हिसार-रेवाड़ी रेलवे लाइन के दोनों तरफ पिलर अधूरे पड़े हैं। इन्हें बनने में अभी एक माह का और समय लगेगा। वहीं अभी काफी पिलर पर गार्डर भी नहीं रखे गए हैं। इसके बाद स्लैब का निर्माण किया जाना भी बाकी है। दूसरे ठेकेदार का यहां तक कहना है कि पिलर तैयार होने के बाद उसे काम पूरा करने के लिए कम से कम 3 माह का समय लगेगा।
-जो भी कमियां बताई जा रही हैं, उन्हें जल्द ठीक करवाया जाएगा। चूंकि अभी निर्माण कार्य चल रहा है तो वाहन चालकों को भी यहां से गुजरते समय थोड़ा ध्यान रखना चाहिए।
-रजनीश कुमार, एक्सईएन, बीएंडआर