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पेयजल किल्लत : जलघर महज 85 प्रतिशत तक भरे गए, समय से शुरू होगी पेयजल राशनिंग

Sat, 23 May 2026 01:27 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
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हांसी नए जलघर के वाटर टैंक में भरा हुआ पानी। 
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हांसी। भीषण गर्मी और नहर बंदी के दोहरे संकट के बीच शहर पर पानी का भयंकर अकाल मंडराने लगा है। इस बार जलघर पूरी तरह से नहीं भरे गए हैं। इस वजह से शहरवासियों को समय से ही पेयजल राशनिंग झेलनी पड़ेगी। जनस्वास्थ्य विभाग की तरफ से समय से राशनिंग की योजना बनाई जा रही है।
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शहर के दोनों जलघरों में इस बार 85 प्रतिशत पानी भरा गया है। विभाग के अधिकारियों के अनुसार भीषण गर्मी में इसमें से 10 से 15 प्रतिशत पानी वाष्पीकरण के कारण कम हो जाएगा। महज 70 प्रतिशत ही पानी शहरवासियों के लिए बचेगा। वहीं नहर करीब 34 दिन बाद आएगी। ऐसे में तब तक पेयजल किल्लत से निपटने के लिए राशनिंग की जाएगी। विभाग के अधिकारी इसके लिए योजना बना रहे हैं। इसमें योजना बनाई जा रही है कि एक दिन छोड़ कर पानी दिया जाए। सोमवार तक स्थिति स्पष्ट होगी। वहीं आमजन को जागरूक भी किया जाएगा कि वह पानी को व्यर्थ न बहाएं।
दरअसल, सिंचाई विभाग की तरफ इस बार नहर में पानी कम छोड़ा गया था। नहर में पानी कम होने के कारण जलघरों में पानी पूरा नहीं भरा गया। हालांकि पानी भरने के लिए पंप सेट भी लगाए गए व ट्रैक्टर बरमे भी लगाए गए। पानी बंद होने पर नहर में मिट्टी के कट्टों से बंदा लगाकर भी पानी भरा गया। दस दिन की इतनी मशक्कत के कारण पानी पूरा नहीं भरा गया। वहीं नहर में समय बढ़ाए जाने की मांग भी की थी। लेकिन नहर में पानी का समय नहीं बढ़ाया गया। जिससे स्थिति गंभीर हुई है।
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नए जलघर की क्षमता अधिक लेकिन क्षेत्र भी ज्यादा
बता दें कि पुराने जलघर में चार वाटर टैंक है। लेकिन पुराने होने के कारण इन वाटर टैंक की क्षमता कम है। इसमें केवल 24 दिन तक का पानी स्टोर होता है। जबकि नए जलघर में पूरे महीने का पानी एकत्रित होता है। नए जलघर पर शहर का 60 प्रतिशत व पुराने जलघर पर शहर का 40 प्रतिशत हिस्सा निर्भर है। नहर में पानी करीब 34 दिनों के बाद आता है। ऐसे में पेयजल संकट से बचने के लिए जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी प्रति महीने पेयजल राशनिंग करते हैं।

इतनी है खपत
शहर में प्रतिदिन करीब 180 लाख लीटर पानी की खपत है। इसमें 90 एमएलडी पुराने व 90 एमएलडी पानी नए जलघर से सप्लाई होता है।
वर्जन


जलघर 85 प्रतिशत ही भरे गए हैं। जलघर में पानी कम होने के कारण इस बार समय से ही राशनिंग शुरू करने को लेकर विचार किया जा रहा है। आम जनता से भी विशेष अपील की है कि वे चिलचिलाती धूप और गर्मी के इस मौसम में पानी का अत्यधिक विवेकपूर्ण उपयोग करें। अपनी जरूरत के अनुसार पानी का उचित भंडारण करके रखें। ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।- संजीव त्यागी, एक्सईएन, जनस्वास्थ्य विभाग।
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