अग्रोहा। आदर्श गांव अग्रोहा में पेयजल की समस्या को लेकर सोमवार को ग्रामीण जलघर पहुंच गए और यहां रोष प्रदर्शन कर धरने पर बैठ गए।
धरने पर बैठे ग्रामीणों का कहना है कि गांव में पिछले के कई महीनों से लोगों के घरों में पीने का पानी नहीं आ रहा है। जो पानी आ भी रहा है वह भी नहर की जगह सबमर्सिबल ट्यूबवेल का खराब पानी आ रहा है, जोकि पीने लायक नहीं है। ऐसे में लोगों में उल्टी, दस्त की शिकायत बनी हुई है। इस संबंध में जनस्वास्थ्य विभाग जिला उपायुक्त को भी शिकायत की जा चुकी है। बावजूद समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है। हालात यह है कि पीने का पानी तो दूर, कपड़े धोन के लिए पानी उपलब्ध नहीं है।
पगड़ी संभाल जट्टा संघर्ष समिति के ब्लॉक प्रधान केडी अग्रोहा, हलका के एसी सेल के अध्यक्ष सतपाल राठी, तरसेम, सुरेश, रमेश, धर्मपाल, ओमप्रकाश आदि ग्रामीणों ने बताया कि गांव के इस जलघर से अग्रोहा गांव के अलावा पास के गांव मीरपुर, अग्रोहा शहर व गोशाला तक पानी जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो पक्का धरना शुरू कर देंगे।
अगली आचार संहिता लगने से पहले विकास कार्यों को पूरा करवाने के दिए निर्देश
हांसी। आचार संहिता हटने के बाद विधायक विनोद भयाना ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में अधिकारियों को स्वीकृत नए विकास कार्यों को शुरू करवाने न निर्माणाधीन विकास कार्यों को जल्द पूर्ण करवाने के निर्देश दिए।
बैठक का आयोजन लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह में किया गया। विकास कार्यों को लेकर एसडीएम मोहित महराणा ने भी संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। विधायक ने कहा कि विकास कार्यों के लिए पैसे की कोई कमी नहीं है। लिहाजा अधिकारी जल्द से जल्द टेंडर प्रकिया पूर्ण करके नए कार्यों को प्रारंभ करवाएं। जिन कार्यों के टेंडर हो चुके है उनके वर्क अलॉट कर दिए जाएं।
उन्होंने कहा कि हलके में बहुत सारे प्रमुख विकास कार्य रुके हुए हैं। जिन विकास कार्यों की घोषणा हो चुकी है या मंजूरी मिल चुकी है उन कार्यों की टेंडर प्रकिया पूर्ण करके कार्य आरंभ करवाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा आगामी 3-4 महीनों में विधानसभा चुनाव होने के कारण आदर्श आचार संहिता लागू हो सकती है। इसलिए अधिकारी तुरंत काम करवाएं। उन्होंने अधिकारियों को लेटलतीफी और लापरवाही करने वाले ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई करने हिदायत दी।