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Hisar News: किसी ने 8 घंटे की पढ़ाई तो किसी ने साइकिलिंग कर भगाया तनाव

Tue, 11 Jun 2024 12:34 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
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गांधी चौक हिसार निवासी ल​​क्षिका गर्ग।
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हिसार। मद्रास आईआईटी ने जेईई एडवांस का परीक्षा परिणाम जारी कर दिया। यह परीक्षा 26 मई को हुई थी। इस परीक्षा में देश भर से 18,6,584 परीक्षार्थियों ने पंजीकरण करवाया था, जिसमें से 18,0,200 परीक्षार्थियों ने एग्जाम दिया था।
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जेईई एडवांस की दोनों चरणों में हुई परीक्षा में 48,248 परीक्षार्थी देशभर में पास हुए। हालांकि इससे पूर्व जेईई मेन्स की परीक्षा जनवरी व अप्रैल में हुई थी, जिसके संयुक्त रूप से अंक जुड़ने पर कम रैंक प्राप्त करने वाले परीक्षार्थियों ने जेईई एडवांस की परीक्षा में भाग लिया था। जिले स्तर की बात करें तो होनहारों ने जेईई एडवांस की दो चरणों में हुई परीक्षा में धमाल मचाया।
भगत सिंह चौक निवासी जागृत ने ऑल इंडिया स्तर पर 377वीं रैंक, सेक्टर 9-11 निवासी प्रथम गुप्ता ने ऑल इंडिया स्तर पर 957वीं रैंक प्राप्त किया है। सेक्टर-14 निवासी निशांत भारती ने 1310वीं रैंक जबकि लड़कियों की बात करें तो जिले स्तर पर लक्षिका गर्ग ने 3,671वीं रैंक प्राप्त कर प्रथम स्थान प्राप्त किया।
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रोजाना 10 घंटे की पढ़ाई व विज्ञान के प्रति रूचि से जगी इंजीनियर बनने की चाह
भगत सिंह चौक निवासी जागृत ने जेईई एडवांस की परीक्षा में ऑल इंडिया स्तर पर 377वीं रैंक प्राप्त की है। जागृत ने बताया कि वे 10वीं कक्षा तक विज्ञान व गणित विषय में रुचि जग गई थी, जिसके बाद उन्होंने मन में इंजीनियर बनने चाह का सपना संजोकर मेहनत शुरू कर दी। परीक्षा की तैयारी के दौरान जो दबाव होता उसे न्यूज पेपर पढ़कर व बाहर दोस्तों के संग घूमकर कम कर लेते थे। जागृत ने बताया कि पिता अनूप गोयल व माता अर्चना गोयल सीए है, जबकि वे इंजीनियर बनना चाहते हैं, जिसके लिए परिवार का पूरा सहयोग मिल रहा है।

सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनना चाहते हैं प्रथम गुप्ता
सेक्टर 9-11 निवासी प्रथम गुप्ता ने जेईई एडवांस की परीक्षा में ऑल इंडिया स्तर पर 957वीं रैंक प्राप्त की है। जोकि हिसार जिले के लिए बड़ी उपलब्धि भी है। 11वीं-12वीं कक्षा में उन्हें कंप्यूटर से इतना लगाव हो गया है कि वहीं से उन्होंने सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनने का सपना बना लिया। उन्होंने बताया कि वे सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनने के लिए जी-तोड़ मेहनत करेंगे। उन्होंने कहा कि वे रोजाना 10 घंटे की मेहनत और माता-पिता से हर बात शेयर कर वे अपने मानसिक दबाव को कम करते थे।

8वीं कक्षा में ही विज्ञान विषय के प्रति जगी रुचि

सेक्टर-14 निवासी निशांत भारती ने बताया कि उन्होंने जेईई एडवांस की परीक्षा में ऑल इंडिया स्तर पर 1,310वीं रैंक हासिल की है। निशांत के पिता विवेक भारती सिरसा जिले में अतिरिक्त उपायुक्त के पद पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं, जबकि माता डॉ. दीपा मंगला गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय में शिक्षिका के पद पर कार्यरत हैं। रोजाना 6 घंटे की सेल्फ स्टडी व 6 घंटे कोचिंग सेंटर में पढ़ाई कर यह मुकाम हासिल किया है। निशांत ने बताया कि वे इलेक्ट्रिक इंजीनियर बनना चाहते हैं। साथ ही कानपुर की आईआईटी में दाखिला लेकर अपने सपने को साकार करना चाहते हैं। परीक्षा के दिनों में माता-पिता से अपनी बातें शेयर कर मानसिक दबाव को कम किया। खास बात यह है कि निशांत ने जेईई मेन्स के परीक्षा परिणाम में फिजिक्स विषय में शत प्रतिशत अंक प्राप्त किया है।


पड़ोस में सभी सीए मगर मुझे बनना है इंजीनियर
गांधी चौक निवासी लक्षिका गर्ग ने बताया कि उन्होंने जेईई एडवांस की परीक्षा में 3,631वीं रैंक हासिल किया है। पिता सुनील गर्ग व्यापारी है माता सुमन गर्ग शिक्षिका है। उन्होंने बताया कि जेईई मेन्स में उन्होंने 6,626वीं रैंक हासिल की है, जिसके बाद उन्होंने जी तोड़ मेहनत की। रोजाना 8 घंटे की पढ़ाई में मेहनत व साइकिलिंग कर अपने आप फिट रखा और जिले स्तर पर लड़कियों में प्रथम स्थान भी प्राप्त किया। जिसके बाद उन्होंने छोटी उम्र में ही इंजीनियर बनने का सपना संजो लिया। अब वे दिल्ली, कानपुर व रुड़की की आईआईटी में दाखिला लेने की इच्छा रखती हैं।
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गांधी चौक हिसार निवासी लक्षिका गर्ग।

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