हिसार। पूर्व पीएम डॉ. मनमोहन सिंह ने अपने पहले कार्यकाल में वर्ष 2007 में हिसार को बिजली उत्पादन की सबसे बड़ी सौगात दी थी। हिसार के गांव खेदड़ स्थित थर्मल पावर प्लांट का शिलान्यास किया था। 600-600 मेगावाट की दो यूनिट वाला यह थर्मल आज प्रदेश के बड़े हिस्से को रोशन कर रहा है। इस प्लांट की आधारशिला रखने के लिए वे हिसार आए थे। हरियाणा को 1200 मेगावाट बिजली देने वाले इस प्लांट से हजारों लोगाें को रोजगार मिला हुआ है। प्रदेश की बड़ी विकास परियोजनाओं में खेदड़ थर्मल प्लांट शामिल है। वर्ष 2007 में डॉ. मनमोहन सिंह ने हिसार के बरवाला से ही एजुसेट सिस्टम को शुरु किया था। जिसके जरिए सेटेलाइट सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को शिक्षा देने का कार्यक्रम तय किया गया था। डॉ. मनमोहन सिंह ओपी जिंदल के चुनाव के समय भी आए थे। जब उनका निधन हुआ तब भी डॉ. मनमोहन उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे।
सेंट्रल हॉल में बैठा था तब सुरक्षा लाइन तोड़कर मेरे पास आए...
पूर्व मंत्री प्रो. छत्तरपाल सिंह बताते हैं कि जब हमने खेदड़ थर्मल पावर प्लांट की आधारशिला के लिए तत्कालीन पीएम मनमोहन सिंह से समय मांगा तो उन्होंने तुरंत हां कर दी थी। जब भी मुझे मिलते थे तो कहते कि आप हरियाणा की उम्मीद हो। उनके परिवार से जुड़ा एक व्यक्ति एम्स में भर्ती था। उसने कहा कि जब खेदड़ थर्मल में डॉ. मनमोहन सिंह आएं तो आप बताना कि मैं एम्स में भर्ती हूं। खेदड़ थर्मल का कार्यक्रम होने के बाद जब मैं उनके साथ हेलिकॉप्टर में बैठा तो डॉ. मनमोहन सिंह को पूरा घटनाक्रम बताया तो उन्होंने कहा, अब आप मेरी ओर से उनसे जाकर मिलो और बताना कि मैंने उन्हें याद किया है। जल्द ही समय निकालकर उनसे मिलने का भी प्रयास करूंगा। सरदार मनमोहन सिंह कहते थे आपका सामाजिक व शिक्षा का दायरा काफी बेहतरीन है। एक बार मैं सेंट्रल हॉल में बैठा था। तब सुरक्षा लाइन तोड़कर मेरे पास आए। हरियाणा के कई मुद़्दों पर चर्चा की थी। फिर बोले आपको आर्टिकल लिखने चाहिएं। मैं जब-जब भी उनसे मिलने गया हमेशा उनकी टेबल पर किताबें मिलीं। वह भी पठन-पाठन में काफी रुचि रखते थे तो मेरे उनके साथ अच्छे विचार मिलते थे।
(जैसा कि अमर उजाला संवाददाता को बताया)
डॉ. मनमोहन ने ही दिया खेदड़ थर्मल प्लांट का प्रोजेक्ट...मेरे विधानसभा चुनाव में भी आए थे
सांसद जयप्रकाश ने कहा कि 1993-1994 के करीब खेदड़ में थर्मल के लिए जमीन का अधिग्रहण किया गया था। बाद में यह जमीन वन विभाग को हस्तांतरित हो गई। यह प्रोजेक्ट कैंसिल हो चुका था। मैं उस समय सांसद था। हमने तत्कालनी सीएम चौधरी भूपेंद्र सिंह हुड्डा के समक्ष थर्मल प्लांट का मामला उठाया। तब हुड्डा साहब के साथ पीएम डॉ. मनमोहन सिंह से मिले तो उन्होंने इस प्रोजेक्ट को मंजूर कर दिया। उन्होंने केंद्रीय वन विभाग से इस जमीन को वापस दिलाया। तब यह प्रोजेक्ट लगा था। बरवाला को तहसील भी डॉ. मनमोहन के उस कार्यक्रम में ही बनाया गया था। मेरे विधानसभा चुनाव में भी डॉ. मनमोहन सिंह आए थे। मैं उनसे पहली बार 1989 में मिला था। तब वह खद्दर के कपड़े पहनते थे, जब पीएम बने तब भी उन्होंने अपने कपड़ों में बदलाव नहीं किया। पीएम पद से हट गए तो भी वही खद्दर पहनते थे। हांसी- महम -रोहतक रेल लाइन प्रोजेक्ट को भी डॉ. मनमोहन सिंह ने तुरंत मंजूरी दी थी।
(जैसा कि अमर उजाला संवाददाता को बताया)