हिसार। हिसार रेलवे क्षेत्र में चेन पुलिंग के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। रेलवे की कड़ी सख्ती के बावजूद लोग इस खतरनाक अभ्यास से बाज नहीं आ रहे हैं। पिछले 5 वर्षों में हिसार आरपीएफ थाने में 89 चेन पुलिंग के मामले दर्ज किए। इनमें से दस लोगों को जुर्माने के साथ जेल भी जाना पड़ा।
चेन पुलिंग के कारण ट्रेनें ठंड और कोहरे में पहले से ही देरी से चल रही हैं। अब और अधिक लेट हो रही हैं। इसका सीधा असर सामान्य यात्रियों पर पड़ रहा है, जो यात्रा के दौरान परेशानी झेल रहे हैं। जिले में असामाजिक तत्व और बाईपास पर उतरने वाले लोग अक्सर ट्रेनों में चेन पुलिंग करते पाए जाते हैं। आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2025 में सबसे अधिक 21 मामले सामने आए। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि चेन पुलिंग केवल आपातकालीन स्थिति में ही उपयोग की अनुमति है, अन्यथा इसे करने पर भारी जुर्माना और जेल का प्रावधान है। विशेषज्ञों और रेलवे अधिकारियों का मानना है कि युवाओं की यह ‘शरारत’ गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है। यात्रियों की सुरक्षा और समय पर ट्रेनें चलाने के लिए इस पर और सख्ती की जरूरत है। संवाद
पांच साल में चेन पुलिंग के मामले
2025 21
2024 - 18
2023 15
2022 20
2021- 15
कुल - 89
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10 से 30 मिनट तक हो जाती है ट्रेन लेट
चेन पुलिंग की स्थिति में 10 से 30 मिनट तक ट्रेन को रोकना पड़ जाता है। आरपीएफ पुलिस कर्मी य तकनीकी स्टाफ टीम सुरक्षा की दृष्टि से ट्रेन की चेकिंग करती हैं।
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एक हजार रुपये जुर्माना व एक साल की सजा का प्रावधान
रेलवे ने चेन पुलिंग को गंभीर अपराध माना है। बिना वजह ट्रेन की चेन पुलिंग करने पर भारतीय रेलवे अधिनियम, 1989 की धारा 141 के तहत एक हजार रुपये तक का जुर्माना या 1 साल तक की कैद हो सकती है, लेकिन अबरेलवे डिटेंशन चार्ज (8,000 रुपये प्रति मिनट) भी लगा रहा है, जिससे कुल जुर्माना कई हजार से लाखों रुपये तक पहुंच सकता है।
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आपात स्थिति में कर सकते हैं चेन पुलिंग
मेडिकल इमरजेंसी में किसी यात्री की जान खतरे में हो या गंभीर बीमारी हो।
ट्रेन में आग लगने की स्थिति में।
यदि कोई यात्री ट्रेन से गिर जाए
10 साल से कम उम्र के बच्चे या 60 साल से ऊपर के व्यक्ति का ट्रेन छूट जाने पर।
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चेन पुलिंग के मामले बढ़ रहे हैं। जांच में सामने आया कि कम उम्र के युवा चेन पुलिंग अधिक कर रहे हैं। पिछले साल चेन पुलिंग के 21 मामले दर्ज किए गए। आरपीएफ सूचना मिलते ही तुरंत कार्रवाई के लिए माैके पर पहुंच जाती है। काफी मामले ऐसे होते हैं कि चेन पुलिंग करने वालों को पता तक नहीं चल पाता। - सुनील कुमार, एसएचओ, आरपीएफ थाना हिसार।