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गड़बंडी : सर्वे में प्रॉपर्टी मालिक का नाम, पता गलत, अब सही कराने के लिए लोगों को करनी पड़ रही माथापच्ची

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हिसार। याशी कंपनी की तरफ से शहर में असेसमेंट नोटिस बांटे जा रहे हैं। इन नोटिसों में बड़े स्तर पर खामियां मिल रही हैं। इन खामियों को ठीक करवाने के लिए लोग निगम कार्यालय के चक्कर काटने को मजबूर हैं। बड़ी बात यह है कि नए सर्वे में कंपनी में उन प्रॉपर्टी टैक्स का डाटा भी गलत किया, जिनका डाटा अभी हाल ही में दुरुस्त किया गया था। लोगों की मानें तो सर्वे में गलती कंपनी ने की है तो उन गलतियों को ठीक करवाने के लिए चक्कर हमें काटने पड़ रहे। कंपनी डोर टू डोर आकर इन खामियों को दुरुस्त करे। कंपनी के मुताबिक अगर नोटिस में किसी तरह की गलती है तो प्रॉपर्टी मालिक उसे ठीक करवा लें। इस नोटिस के आधार पर शहरवासियों को नए प्रॉपर्टी टैक्स बिल बांटे जाएंगे।
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180 रुपये प्रति प्रॉपर्टी के हिसाब से कंपनी को किया जाएगा भुगतान
याशी कंपनी को प्रॉपर्टी टैक्स का सर्वे करने का टेंडर मुख्यालय स्तर पर दिया गया था। अगस्त 2019 में कंपनी को यह टेंडर दिया गया था। मगर अभी तक कंपनी प्रॉपर्टी टैक्स बिल बांट नहीं सकी है। इस कार्य की एवज में कंपनी को 180 रुपये प्रति प्रॉपर्टी के हिसाब से भुगतान किया जाएगा। कंपनी ने अभी तक शहर में 15 हजार नोटिस ही वितरित किए हैं। कंपनी की तरफ से बांटे जा रहे नोटिसों में बड़े स्तर पर खामियां मिल रही हैं। हालांकि अभी तक 500 लोगों ने ही आपत्ति दर्ज करवाई है।
मैंने 2019 में ही अपना प्रॉपर्टी टैक्स बिल ठीक करवाया था। मगर अब जो असेसमेंट नोटिस मेरे घर आया है, उसमें प्रॉपर्टी मालिक का नाम, एरिया व पता गलत दिया हुआ है। अब मुझे इन्हें ठीक करवाने के लिए डॉक्यूमेंट देने पड़ेंगे। साथ ही निगम कार्यालय के भी चक्कर लगाने पड़ेंगे। कंपनी को मेरे घर आकर बिल को ठीक करना चाहिए। - नवनीत धवन, निवासी, एमसी कॉलोनी
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मेरे घर पर आए असेसमेंट नोटिस में पता गलत दिखाया हुआ है। मेरा मकान सेक्टर 16-17 में है, जबकि कंपनी में साथ में कृष्णा नगर भी जोड़ दिया। यह गलती कंपनी ने की है, लेकिन परेशान मुझे होना पड़ेगा। निगम प्रशासन को इस तरफ ध्यान देना चाहिए। - सुदेश कुमारी, निवासी, सेक्टर 16-17
मुझे अभी असेसमेंट नोटिस मिला है। इसमें मेरे घर का पता गलत दर्शाया गया है, जबकि मेरे पुराने बिल में पता एकदम सही था। अब यह गलती को सर्वे करने वाली कंपनी की है। - रामगोपाल, निवासी, सेक्टर 16-17
निगमायुक्त ने कंपनी को नोटिस देने के दिए आदेश
सोमवार को निगमायुक्त अशोक कुमार गर्ग ने ई-दिशा केंद्र में याशी कंपनी की तरफ से लगाए गए हेल्प डेस्क का निरीक्षण किया। इस दौरान कई खामियां देखने को मिली और उनमें सुधार को लेकर निगमायुक्त ने याशी कंपनी को नोटिस भेजने के आदेश दिए। निगमायुक्त ने बताया कि याशी कंपनी के हेल्प डेस्क काउंटर पर डिटेल सूचना बोर्ड नहीं लगाया गया हैं। लोगों को ऑनलाइन आवेदन करने के लिए सुविधा मुहैया नहीं करवाई गई है। वहीं लोगों के आवेदन जमा करवाने और रसीद देने का सिस्टम ठीक नहीं था। कंपनी को बेहतर व्यवस्था बनाने को लेकर नोटिस जारी किया जाएगा।
निगमायुक्त से मिलेंगे शहरवासी
पार्षद अमित ग्रोवर ने बताया कि याशी कंपनी ने उन बिलों के डाटा को भी गलत कर दिया, जिन बिलों को लोगों ने ठीक करवाया था। अब लोगों को उन बिलों को फिर से ठीक करवाने को लेकर माथापच्ची करनी पड़ रही है। इसी को लेकर शहरवासी जल्द ही निगमायुक्त अशोक कुमार गर्ग से मुलाकात करेंगे।
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