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विवादित प्लॉट को लेकर दो पक्ष आमने-सामने

Mon, 10 Apr 2017 12:24 AM IST
amarujala/Hisar
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Police with JCB
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तोशाम रोड पर आईटीआई मोड़ के पास एक विवादित प्लॉट को लेकर दो पक्षों के दावा ठोकने पर रविवार को तनावपूर्ण माहौल बन गया। विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ता प्रेम कॉलोनी के लोगों के साथ जेसीबी लेकर पहुंच गए और साफ-सफाई शुरू कर दी। दूसरी तरफ प्लॉट को मस्जिद की जगह बताने वाले लोगों ने इसका विरोध किया और पुलिस को सूचना दे दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सफाई का काम रुकवा दिया। इस दौरान पुलिस अधिकारी और हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं के बीच धक्कामुक्की की नौबत तक आ गई। इधर, हुडा ने प्लॉट को अपनी मिलकियत बताते हुए मालिकाना हक संबंधी बोर्ड गाड़ दिया। दूसरा पक्ष इसे वक्फ बोर्ड की मिलकियत बताते हुए जमीन पर अपना हक जता रहा है।
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तोशाम रोड पर आईटीआई मोड़ के पास प्लॉट पर चारदीवारी की हुई है और एक समुदाय विशेष के लोग प्लॉट को मस्जिद की जगह बताते आ रहे हैं। वे बताते हैं कि जमीन उनको वक्फ बोर्ड से मिली है। दूसरी तरफ साथ लगती प्रेम कॉलोनी के लोग इसे धर्मशाला की जमीन बताते हुए इसे हुड्डा की मिलकियत बता रहे हैं। विश्व हिंदू परिषद के रवींद्र गोयल, बजरंग दल के कपिल वत्स, कॉलोनी के बाशिंदे रविवार को जेसीबी के साथ वहां पहुंचे और प्लॉट को धर्मशाला की जगह बताते हुए वहां साफ-सफाई करने लगे। दूसरे पक्ष को इसकी भनक लगी तो उन्होंने पुलिस को फोन कर सूचना दी। डीएसपी जितेंद्र सिंह और एसएचओ गौरव शर्मा मौके पर पहुंचे और साफ-सफाई का काम रुकवाया। पूछने पर उन लोगों ने प्लॉट धर्मशाला का बताया।

कहा जा रहा है कि मामले को लेकर विहिप नेेता रविंद्र गोयल और एसएचओ गौरव शर्मा के बीच जमकर कहासुनी हुई और धक्का-मुक्की की नौबत तक आ गई। मामला एसपी तक पहुंच गया। एसपी ने सोमवार को हुडा सहित विभिन्न विभागों के साथ मिलकर सुलझाने का आश्वासन दिया।
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हनुमान जयंती पर लगाएंगे भंडारा
रविंद्र गोयल ने बताया कि वे 11 अप्रैल को होने वाली हनुमान जयंती पर भंडारा लगाने के लिए इस जमीन की सफाई करने के लिए गए थे। समुदाय के लोगों ने जिस जमीन पर मस्जिद के लिए चारदीवारी बना रखी है, उससे भी उन्हें कोई मतलब नहीं था। वे तो खाली जगह पर भंडारा लगाने के लिए सफाई करने के उद्देश्य से गए थे, लेकिन बेवजह पुलिस को बुला लिया। इसके कारण मामला बढ़ गया।

जमीन तो धर्मशाला की ही है : पूर्व सरपंच
काजला के पूर्व सरपंच और प्रेम कॉलोनी के बाशिंदे भूप सिंह का कहना है कि पहले यह जमीन वक्फ बोर्ड की होती थी। हुडा ने इसे 1991 में अधिग्रहित कर लिया था और इस प्लॉट को धर्मशाला के नाम का छोड़ा गया था। हमने हुडा में 1.11 लाख रुपये जमा करा रखे हैं। यही नहीं हाई कोर्ट ने संबंधित विभाग को 90 दिन के भीतर एग्रीमेंट करने का आदेश दे रखा है।

विश्व हिंदू परिषद का पक्ष
विहिप के जिला मंत्री रवींद्र गोयल का कहना है कि यह 600 गज जमीन हुडा की है। इसे धर्मशाला के नाम कराया जा चुका है और इसके लिए हुडा को पैसे दिए जा चुके हैं। कोर्ट ने दिसंबर 2016 को हुडा को यह जमीन धर्मशाला के नाम करने के आदेश दिए हैं। दो दिन में प्रशासन कोई फैसला करेेगा तो ठीक है, वर्ना हम इस चारदीवारी को ताला लगा देंगे।

मुस्लिम कल्याण कमेटी बोली, वक्फ बोर्ड की मिलकियत
मुस्लिम कल्याण कमेटी हरियाणा के प्रधान हरफूल खान भट्टी का कहना है कि जमीन वक्फ बोर्ड की मिलकियत है। यह प्लॉट है, जिसे पहले ही मस्जिद के नाम अलॉट किया जा चुका है। एक आदमी के केस दायर करने पर मामला अब एसडीएम की कोर्ट में विचाराधीन है।

पहले समझाया, फिर खदेड़ा
तोशाम रोड पर आईटीआई के समीप प्लॉट विवाद के तूल पकड़ने पर हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं को पुलिस ने खदेड़ दिया। इससे पहले पुलिस ने तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए लोगों को वहां से चले जाने की नसीहत दी। इसके बाद भी लोग नहीं हटे तो भारी पुलिस बल की मौजूदगी के चलते तमाम लोगों को वहां से भगा दिया। फिलहाल पुलिस ने शांति बनाए रखने के लिए वहां निगरानी बढ़ा दी है। वहां एक पीसीआर तैनात कर दी गई है।


दो पक्षों में एक प्लॉट की दावेदारी को लेकर सूचना मिली थी। हमने मामला हुडा अधिकारियों के संज्ञान में ला दिया था। जमीन किसकी है, यह हुडा को देखना है। मामले से पुलिस के उच्चाधिकारियों को भी अवगत करवा दिया गया है। हमारी किसी पक्ष से कोई बहस या हाथापाई नहीं हुई है।
- गौरव शर्मा, एसएचओ, सिविल लाइन थाना, हिसार
वर्जन
प्लॉट हुडा की मिलकियत है। हमारे पास सारी जमीन का रिकॉर्ड उपलब्ध है। हमने हमारा मालिकाना हक संबंधी बोर्ड वहां लगा दिया है।
- सुमित कुमार, संपदा अधिकारी, हुडा हिसार

यह जमीन धर्मशाला की ही है। तत्कालीन एसपी हनीफ कुरैशी ने कुछ लड़कों को धमकाकर धर्मशाला की जगह मस्जिद बनवा दी थी। हुडा ने करीब दो साल पहले इस पर ताला भी जड़ दिया था, लेकिन मुसलमानों ने ताला तोड़कर दोबारा नमाज शुरू कर दी। कई जगह शिकायत की गई, लेकिन कांग्रेस सरकार होने के कारण कोई सुनवाई नहीं हुई।
- रविंद्र गोयल, जिला मंत्री, विहिप हिसार

मैंने इस जमीन को पाने के लिए करीब पांच साल पहले भूख हड़ताल की थी। बाद में प्रशासन ने इस प्लॉट को हमें मस्जिद बनाने के लिए सौंप दिया था। इसके बाद इस जमीन पर चाहरदिवारी का काम शुरू किया गया था।
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- हरफूल खान भट्ठी, प्रधान, मुस्लिम कल्याण कमेटी हरियाण
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