अग्रोहा टीले पर खोदाई के लिए निशान देही करती हुई टीम। स्रोत संवाद
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अग्रोहा। पुरातन स्थल अग्रोहा टीले की खोदाई का कार्य बुधवार को भूमि पूजन के साथ शुरू होगा। पूरा लेआऊट बनाकर तैयारियां कर ली गईं हैं।
पुरातत्व विभाग की टीम ने टीले की खोदाई के लिए निरीक्षण किया और सफाई करवाई है। पुरातत्व विभाग की उपनिदेशक बनानी भट्टाचार्य के निर्देशन में अग्रोहा टीले के उत्खनन का कार्य किया जाएगा। भट्टाचार्य ने बताया कि सुबह 9 बजे उत्खनन स्थल पर भूमि पूजन कर खोदाई कार्य शुरू किया जाएगा। उत्खनन स्थल पर निशानदेही कर सफाई आदि का कार्य करवा लिया गया है।
10 गुना 10 के फ्रेंच बना दिए गए हैं। उत्खनन कार्य बिना किसी मशीनरी के फावड़ा, गैती आदि से साइंटिफिक डिक्रेशन से हिसाब से किया जाएगा जो बहुत ही धीमी गति से चलेगा। पुरातत्व विभाग के दस्तावेज के अनुसार भारत में ब्रिटिश शासन काल में रोबोट्स नाम के वैज्ञानिक हुए, जिन्होंने यहां केवल 15 दिन पुरातत्व सर्वे किया था। इसके बाद सन् 1926 में अंग्रेजी सरकार ने अधिसूचना जारी करते हुए अग्रोहा और उसके आसपास के क्षेत्र को संरक्षित घोषित कर दिया।
अग्रोहा टीले की पूर्व में हुई खोदाई में रोमन सभ्यता, कुषाण काल के वैज्ञानिक प्रमाण मिले थे। अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गोपाल शरण गर्ग ने बताया कि अग्रोहा टीले की खोदाई के लिए समाज की तरफ से काफी प्रयास किए गए।