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Hisar News: मैथ के कठिन सवालों ने बिगाड़ा विद्यार्थियों की बुनियाद का गणित

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हिसार जहाजपुल के सरकारी स्कूल में परीक्षा देते विद्यार्थी। 
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हिसार। बुनियाद लेवल-2 की परीक्षा मंगलवार को जिले में बनाए चार केंद्रों पर हुई। हिसार, आदमपुर, बरवाला व हांसी में परीक्षा के लिए 1529 विद्यार्थियों ने पंजीकरण करवाया था, जिसमें से 1473 परीक्षा में बैठे, जबकि 66 गैरहाजिर रहे। परीक्षा के दौरान विद्यार्थी गणित के सवालों में उलझे नजर आए। परीक्षा के बाद विद्यार्थियों ने बताया कि मैथ सेक्शन काफी मुश्किल था। वहीं, कुछ विद्यार्थियों ने बताया कि उन्होंने परीक्षा के लिए तैयारी अच्छे से की थी। उम्मीद है इस बार पहले के मुकाबले ज्यादा अंक आ जाएंगे। परीक्षा के दौरान विद्यार्थी स्कूल ड्रेस में नजर आए।
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जिला विज्ञान विशेषज्ञ नरेंद्र भाटिया ने बताया कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षा के लिए तैयार करने के लिए सरकार की ओर से मुफ्त कोचिंग देने के लिए यह बेहद महत्वाकांक्षी योजना है। योजना के तहत नौवीं में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए बुनियाद परीक्षा करवाई जाती है। परीक्षार्थी चयनित होने पर दो साल के निशुल्क एनडीए, नीट, एनटीएसई सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार किया जाता है। विकल्प फाउंडेशन की ओर से विशेष शिक्षक विद्यार्थियों को पढ़ाते हैं। जिले में बुनियाद केंद्रों की कुल संख्या पांच है। योजना के तहत विद्यार्थियों को शिक्षा के अलावा निशुल्क किताबें, शिक्षण सामग्री, वर्दी भी दी जाती है। -
दूसरे चरण की परीक्षा में 200 अंक का पेपर लिया गया। इसमें कुल संख्या 50 प्रश्न थे। प्रत्येक प्रश्न चार अंक का था। परीक्षा का मूल्यांकन नकारात्मक (निगेटिव मार्किंग) है। चार प्रश्नों के गलत उत्तर देने पर एक अंक काटा जाएगा। - प्रदीप नरवाल, जिला शिक्षा अधिकारी, हिसार
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मैं इस परीक्षा के लिए पिछले दो महीने से तैयारी कर रही थी। ये दूसरे चरण की परीक्षा थी और पेपर पहले से अच्छा हुआ है। उम्मीद है कि इस परीक्षा में पिछली बार से ज्यादा अंक आएंगे। - किरण, राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, मंगाली

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परीक्षा के लिए 2 हफ्ते पहले तैयारी शुरू की थी। पहली परीक्षा के मुकाबले इस बार पेपर थोड़ा मुश्किल था। गणित का सेक्शन काफी कठिन था। - कनिका, राजकीय उच्च विद्यालय, एचएयू
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दूसरे चरण की परीक्षा पहले के मुकाबले ज्यादा कठिन थी। परीक्षा की तैयारी की थी उसके अनुसार प्रश्न नहीं पूछे गए थे, वहीं तैयारी भी कम ही की थी। - जान्सी, गवर्नमेंट मॉडल संस्कृति स्कूल, हिसार।
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