हिसार। दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा के पूर्व अध्यक्ष देवेंद्र बूड़िया के वकील ने अदालत में याचिका देकर उनको गुरुग्राम जेल में भेजने की मांग की। इस याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायिक दंडाधिकारी आयुष की अदालत ने इसे खारिज कर दिया। इस मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में नियमित केस के अनुसार ही होगी।
देवेंद्र बूड़िया को रविवार को राजस्थान के जोधपुर से हिसार लाते समय रास्ते में उनकी तबीयत बिगड़ गई। उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनके कई टेस्ट भी कराए गए। सोमवार दोपहर बाद उन्हें अदालत में पेश किया गया। जहां अदालत ने उन्हें 14 दिन के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
देवेंद्र बूड़िया के वकील पवन रापड़िया ने अदालत में एक याचिका दी थी। इसमें उन्होंने कहा कि देवेंद्र बूड़िया का गुरुग्राम मेदांता में उपचार चल रहा है। उनकी बीमारियों व उपचार को देखते हुए देवेंद्र बूड़िया को गुरुग्राम जेल में स्थानांतरित किया जाए।
देवेंद्र बूड़िया के वकील पवन रापड़िया ने कहा कि देवेंद्र बूड़िया ने खुद पुलिस के सामने सरेंडर किया है। वह पुलिस जांच में निरंतर सहयोग करते रहे हैं। इस केस में राजनीतिक कारण शामिल हैं। उन्होंने बताया कि देवेंद्र बूड़िया को पार्किंसन, हाइपरटेंशन सहित कई तरह की दिक्कत है। उनका गुरुग्राम के मेदांता में उपचार चल रहा है। इसी को देखते हुए गुरुग्राम जेल भेजने की मांग की थी। इस मामले में अगली सुनवाई 11 जुलाई को होगी।
युवती ने दी थी शिकायत
24 जनवरी 2025 को आदमपुर थाने में दी शिकायत में एक युवती ने अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा के अध्यक्ष देवेंद्र बूड़िया पर बहला-फुसलाकर चंडीगढ़ के होटल में ले जाकर दुष्कर्म करने का केस दर्ज कराया था। पीड़िता का अश्लील वीडियो भी बनाया। इस बारे में किसी को बताने पर जान से मारने और जेल भिजवाने की धमकी दी थी।