भिवानी। विकास एवं पंचायत मंत्री देवेंद्र सिंह बबली ने पंचायत भवन में जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक में शुक्रवार को 14 परिवादों की सुनवाई की। इसमें सात परिवादों का निपटारा किया। वहीं मंत्री ने तीन मामलों में जांच के आदेश दिए।
परिवादों के दौरान फरियादी अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे। इसमें एक ने तो अधिकारियों की बैठक में ही शिकायत पर समझौता बनाने के दबाव बनाने की फोन पर रिकॉर्डिंग भी सुनाई। डाक विभाग सहित रजिस्ट्री में घोटाले से जुड़ी शिकायतें भी जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में गूंजी। वहीं एक निजी अस्पताल द्वारा आयुष्मान कार्ड धारक को भुगतान नहीं किए जाने पर स्वास्थ्य अधिकारियों को आड़े हाथों लिया और कार्रवाई के आदेश दिए। इस दौरान उपायुक्त नरेश नरवाल, पुलिस अधीक्षक वरुण सिंगला, जिला परिषद चेयरपर्सन अनीता मलिक,विजय गोठड़ा, मुकेश गौड़ सहित अनेक अधिकारी मौजूद रहे।
एफएसएल की दो रिपोर्ट में हुई फर्जी हस्ताक्षर की पुष्टि, अब तीसरी रिपोर्ट का इंतजार
बैठक में बहादुरगढ़ निवासी दलबीर सिंह फौगाट के डाकघर से संबंधित परिवाद की सुनवाई के विकास एवं पंचायत मंत्री बबली ने मामले की तह तक जाकर मास्टर माइंड तक पहुंचने और सभी दोषियों के खिलाफ मामला दर्ज करने के आदेश दिए। इसके साथ ही पीड़ित को 15 दिन के अंदर-अंदर उसकी जमा राशि दिलवाने के आदेश दिए। पुलिस की जांच में एफएसएल की दो रिपोर्ट आई। इसमें पीड़ित के 45 हस्ताक्षरों की जांच की तो सभी फर्जी पाए गए। फर्जी हस्ताक्षरों के माध्यम से उसके बैंक खाता से 15 लाख रुपये की राशि निकाली गई। इसमें अब पुलिस तीसरी रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। इस गड़बड़झाले में डाक विभाग के भी बड़े मगरमच्छ शामिल हैं।
मंत्री को सुनाई मामले में दबाव बनाने की फोन पर रिकॉर्डिंग
सिवानी निवासी सुखबीर सिंह के परिवाद में सुनवाई करते हुए मामले की जांच एडीसी को सौंपी और 15 दिन में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उसने सीएम विंडो पर की शिकायत पर उसके फर्जी हस्ताक्षर कर शिकायत बंद करने व मामले में उस पर दबाव बनाए जाने की बात कही। उसने मंत्री को फोन पर कॉल रिकॉर्डिंग भी सुनाई। दरअसल, सिवानी के एक चिकित्सक पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया था। इसी को लेकर अधिकारी मामले को जांच के नाम पर घुमा रहे थे।
पांच दिन के अंदर बाई हैंड कर्मचारी लेकर जाएगा दस्तावेज
दादरी गेट भिवानी निवासी रमेश सैनी के परिवाद की सुनवाई करते हुए विकास एवं पंचायत मंत्री बबली ने शहरी स्थानीय निकाय को पांच दिन के अंदर मामले से संबंधित दस्तावेज भेजे जाएं ताकि पीड़ित को आर्थिक सहायता मिल सके। रमेश सैनी का आरोप था कि 15 जून 2022 को उसकी दुकान में आग लगी थी। इसमें उसे लाखों का नुकसान हुआ था। सीएम ने उसे आर्थिक मदद देने की घोषणा की थी। उसने नगर परिषद को सभी दस्तावेज दे दिए थे, लेकिन अधिकारियों ने मुख्यालय को अधूरी रिपोर्ट भेजी, जिससे मामला लटक गया। इसी पर मंत्री ने अधिकारियों को सख्त हिदायतें दी कि पांच दिन में दस्तावेज कर्मचारी बाईहैंड लेकर जाएगा।
तीन दिन में बिजली ट्यूबवेल कनेक्शन देने के आदेश
गांव चहड़कला निवासी राजबीर के मामले में विकास एवं पंचायत मंत्री ने तीन दिन के अंदर खेत में बिजली का ट्यूबवेल कनेक्शन देने का आदेश दिया। निगम अधिकारी ने कहा कि 119 ट्यूबवेल कनेक्शन रिलीज करने है, इसमें तीन माह लगेंगे। इस पर मंत्री ने तीन दिन के अंदर ट्यूबवेल कनेक्शन देने के आदेश दिए।
मंत्री ने दिए एक लाख 41 हजार रुपये दिलाने और दोषियों पर कार्रवाई के आदेश
गांव लाड निवासी होशियार सिंह के परिवाद की सुनवाई करते हुए विकास एवं पंचायत मंत्री बबली ने निर्देश दिए कि इस मामले में सभी दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाए। भले ही इसमें स्वास्थ्य विभाग का कोई अधिकारी शामिल हो। इसके साथ ही पीड़ित को तुरंत प्रभाव से उसकी राशि का भुगतान करवाया जाए। होशियार सिंह का आयुष्मान कार्ड था और उसने एक अस्पताल में स्टंड डलवाए थे। जिस पर उसके एक लाख 41 हजार रुपये लिए थे। इस मामले की शिकायत की तो स्वास्थ्य विभाग ने निजी अस्पताल को तीन बार रिमाइंडर भेजा, मगर पैसे नहीं मिले। अब इस मामले में सभी दोषियों पर कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
गाया आरोप
गांव सिवानी निवासी अशोक कुमार के परिवाद की सुनवाई करते हुए मंत्री बबली ने मामले की जांच एसडीएम को सौंपी और प्रतिवादीगण की जमीन की तीन दिन के अंदर रजिस्ट्री करने के निर्देश दिए। उसने इस दौरान हुई अन्य रजिस्ट्री भी जांच करने के आदेश दिए। अशोक कुमार से राजस्व अधिकारियों ने रजिस्ट्री कराने के लिए एनओसी मांगी थी, जबकि अन्य रजिस्ट्री में ऐसी कोई शर्त नहीं पूरी कराई और रजिस्ट्री कर दी गई थी।
कर्मचारी ने पद का दुरुपयोग किया
गांव सिवाड़ा निवासी मांगे राम के परिवाद में मंत्री ने कहा कि मामले में स्पष्ट दिखाई दे रहा है कि सरकारी कर्मचारी ने अपने पद के प्रभाव या दुरुपयोग से अपने खेत में पानी की पाइप लाइन डालने व बोर लगाने का काम किया है। उन्होंने निर्देश दिए कि पाइप लाइन की लीकेज को ठीक की जाए ताकि परिवादीगण की फसल में नुकसान न हो।
स्टॉप ड्यूटी में 10 लाख 65 हजार का घपला, अब एसडीएम करेंगे जांच
तोशाम के नरेंद्र नंबरदार के परिवाद की सुनवाई पर मंत्री ने तीन साल के दौरान हुई रजिस्ट्रियों की जांच के आदेश दिए हैं। नरेंद्र ने आरोप लगाया था कि तीन साल से ये खेल चल रहा है। इसमें दस लाख 65 हजार का स्टांप ड्यूटी का सरकार को चूना लगाया है। इस घपले की जांच में करोड़ों की स्टांप ड्यूटी चोरी उजागर होगी।
मंत्री के समक्ष गूंजे बिजली, पानी के मुद्दे
बैठक में रखे गए मामलों के अलावा भी गांवों के लोगों ने मंत्री के समक्ष बिजली-पानी और विकास कार्यों से संबंधित शिकायतें रखीं, जिस पर उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों को तुरंत प्रभाव से कार्रवाई करने के निर्देश दिए।