हिसार। भारत-पाकिस्तान के बीच भले ही सीजफायर लागू हो चुका हो, लेकिन स्वास्थ्य विभाग पूरी सतर्कता बरत रहा है। महानिदेशक (स्वास्थ्य सेवाएं) ने स्पष्ट आदेश दिए हैं कि किसी भी आपात स्थिति में चिकित्सा सेवाएं प्रभावित न हों। खासतौर पर प्रसूता महिलाओं के उपचार और डिलीवरी में किसी तरह की ढिलाई न बरती जाए। इसकी जिम्मेदारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) को सौंपी है।
सीएमओ डॉ. सपना ने स्त्री रोग शाखा से जुड़ी महिला चिकित्सकों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि उनकी ड्यूटी प्राथमिक रूप से डिलीवरी मामलों पर केंद्रित हो। जरूरत पड़ने पर ही ओपीडी व अन्य ड्यूटी में लगाई जाए। नागरिक अस्पताल की महिला रोग ओपीडी में रोजाना 180 से 190 मरीज आते हैं, जिनमें से 15 से 20 प्रतिशत को दाखिल किया जाता है।
आईएमए से बीमारियों के हिसाब से बेड की संख्या मांगी
सीएमओ ने रविवार को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की हिसार शाखा से ट्रामा, वेंटिलेटर, बर्न, सामान्य, हड्डी रोग और मेडिसिन बीमारियों के हिसाब से बेड की संख्या मांगी। इसके साथ ही संबंधित शाखाओं के चिकित्सकों के मोबाइल नंबर भी मांगे हैं ताकि आपात स्थिति में तुरंत अलर्ट किया जा सके। आईएमए की सचिव अर्चना सोनी ने बताया कि सीएमओ की तरफ से दोबारा से रिपोर्ट मांगी गई है। ट्रामा, वेंटिलेटर, बर्न, सामान्य, हड्डी रोग, मेडिसिन शाखाओं में बेड की संख्या अपडेट कर रहे हैं।