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Hisar News: मुगलपुरा के प्राचीन टीले को संरक्षित कर भूला विभाग, अव्यवस्था पर रोष

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मुगलपुरा में मिले एतिहासिक अवशेष। स्रोत संवाद - फोटो : 1
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हिसार। हरियाणा सरकार के पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग ने 1 मई 2023 को गांव मुगलपुरा स्थित प्राचीन टीले को संरक्षित घोषित किया था। इस ऐतिहासिक स्थल की देखभाल के लिए विभाग ने दो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की नियुक्ति भी की थी और 34 एकड़ चार कनाल भूमि को संरक्षित क्षेत्र में शामिल किया था।
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गांव मुगलपुरा निवासी विनोद कुमार का आरोप है कि संरक्षित घोषित भूमि के नजदीक नगरपालिका की ओर से लगातार गंदगी डाली जा रही है। शिकायतों के बावजूद प्रशासन ने इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है।
इसके अलावा, हजारों ट्रॉलियों में मिट्टी का उठान कर इस ऐतिहासिक स्थल को नुकसान पहुंचाया गया। सेवानिवृत्त वन्य जीव निरीक्षक व समाजसेवी रामेश्वर दास ने सरकार से मांग की कि इस ऐतिहासिक स्थल की सुरक्षा के लिए चारों ओर तारबंदी की जाए, जिससे अवैध खनन पर रोक लग सके। राखीगढ़ी की तर्ज पर यहां एक संग्रहालय स्थापित किया जाए ताकि इतिहास के छात्र और शोधकर्ता इस धरोहर का अध्ययन कर सकें। मुगलपुरा निवासी डॉ. कृष्ण कुमार ने कहा कि इस साइट पर जल्द से जल्द खुदाई कार्य शुरू किया जाए और संग्रहालय बनाया जाए। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पुरातत्व विभाग ने इस भूमि को संरक्षित घोषित करने के बाद इसकी सुध नहीं ली। नगरपालिका और आमजन द्वारा कूड़ा डालने व मिट्टी के खनन से इस ऐतिहासिक स्थल को नुकसान हो रहा है। प्रशासन को कई बार सूचित करने के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, जिससे जनता में भारी रोष है।
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बता दें कि डीएन कॉलेज हिसार के इतिहास विभागाध्यक्ष व इस साइट के खोजकर्ता डॉ. महेंद्र सिंह के अनुसार, इस स्थल पर मिली सामग्रियों से प्रमाणित होता है कि यहां 3000 साल पहले मानव सभ्यता विद्यमान थी।

मुगलपुरा में मिले एतिहासिक अवशेष। स्रोत संवाद- फोटो : 1

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