हिसार। टेल क्षेत्र के किसानों की नहरी पानी और पेयजल संबंधी समस्याओं को लेकर जल संघर्ष समिति के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के अधीक्षण अभियंता और कार्यकारी अभियंता के साथ बैठक की। समिति ने बालसमंद सहित आसपास के टेल क्षेत्रों की समस्याओं के समाधान के लिए 12 मांगें रखीं।
इन मांगों को लेकर 12 अगस्त को दोपहर तीन बजे उच्च अधिकारियों के साथ भी बैठक होगी। समिति ने सीसवाला हेड पर मानसून और गैर-मानसून अवधि में न्यूनतम 200 क्यूसेक पानी उपलब्ध करवाने तथा राजस्थान जाने वाली यमुना जल परियोजना से बालसमंद क्षेत्र को अतिरिक्त पानी देने की मांग की। बरवाला ब्रांच की आरडी 52000 से टेल तक निर्धारित क्षमता के अनुसार रिमॉडलिंग और बालसमंद सब ब्रांच की आरडी 0 से आरडी 70 हजार तक क्षमता बढ़ाने की मांग भी रखी गई।
मानसून अवधि में बदनपुर हेड पर 2200 क्यूसेक और राजस्थान हेड की ओर से 1700 क्यूसेक पानी उपलब्ध करवाने, सभी टेलों को निर्धारित क्षमता व रोटेशन के अनुसार पानी देने तथा जल वितरण की निष्पक्ष जांच करवाने की मांग की गई। इसके अलावा किशनगढ़ सब ब्रांच को बालसमंद क्षेत्र से जोड़ने की योजना का शीघ्र सर्वे करवाकर प्रशासनिक एवं तकनीकी स्वीकृति देने की मांग रखी गई।
12 अगस्त को होगी अहम बैठक
समिति ने बताया कि उच्च अधिकारियों के साथ होने वाली बैठक में किसानों की नहरी पानी संबंधी समस्याओं पर विस्तार से चर्चा होगी। समिति प्रधान कुरड़ाराम नंबरदार ने कहा कि मांगों का समाधान नहीं हुआ तो किसानों को दोबारा आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा। समिति प्रधान कुरड़ाराम नंबरदार के नेतृत्व में अनिल लौरा, संदीप धीरणवास, पारस लौरा, प्रहलाद सुंडावास, पृथ्वी सिंह खारिया, ओम गढ़वाल बाण्डाहेड़ी, रमेश लौरा, बलराज बीजला, सुल्तान रावलवास कलां, अनूप सलेमगढ़, विनोद बासडा, राजेश सरपंच खारिया, सतबीर सीसवाला सहित अन्य मौजूद रहे।