हिसार। शहर में चल रहे पीजी और कोचिंग सेंटरों के मानकों की जांच के लिए पुलिस नगर निगम को पत्र लिखेगी। सेंटरों में मानकों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधीक्षक सिद्धांत जैन ने मंगलवार को एसपी कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शहरवासियों की ओर से अवैध पीजी और कोचिंग सेंटरों को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही हैं।
सड़कों पर बनाए गए अवैध स्पीड ब्रेकरों के सवाल पर एसपी ने कहा कि इस संबंध में नगर निगम और बीएंडआर अधिकारियों से बातचीत की जाएगी। स्पीड ब्रेकर नियमों के अनुसार बनाने के लिए कहा जाएगा, ताकि इनके कारण हादसे न हों। शहर के अंदर से गुजरने वाले भारी वाहनों की भी जांच कराई जाएगी। नियमों का उल्लंघन मिलने पर ऐसे वाहनों का प्रवेश रोका जाएगा।
कोर्ट पुलिस चौकी भी जल्द होगी शुरू
एसपी ने बताया कि जिले से करीब 150 कांस्टेबलों का बाहर तबादला होने के कारण पुलिस बल की कमी हुई है। इसी वजह से कोर्ट पुलिस चौकी शुरू करने में दिक्कत आ रही है। हालांकि, चौकी जल्द शुरू करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि निगरानी और वारदात के बाद आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के लिए जिले में छह हजार सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। आने वाले दिनों में इनकी संख्या और बढ़ाई जाएगी। शहर में हाल में हुई रंगदारी की वारदातों की एसटीएफ के साथ मिलकर जांच की जा रही है।
एनडीपीएस के मामलों में 121 प्रतिशत बढ़ोतरी
एसपी ने बताया कि पुलिस अभियानों के परिणामस्वरूप 2026 में अगस्त तक विभिन्न अपराधों में दर्ज मामलों और गिरफ्तारियों में पिछले साल की तुलना में वृद्धि हुई है। जनवरी से अगस्त 2026 तक हिसार पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत 155 मामले दर्ज कर 278 आरोपियों को गिरफ्तार किया। 2025 की इसी अवधि में 70 मामले दर्ज हुए थे और 186 आरोपी गिरफ्तार किए गए थे। आबकारी अधिनियम के तहत 2026 में 125 मामले दर्ज कर 136 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि 2025 की इसी अवधि में 33 मामले दर्ज हुए थे और 36 आरोपी गिरफ्तार किए गए थे।
साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी दोगुनी
पुलिस ने एक जनवरी से नौ अगस्त 2026 तक साइबर अपराध के 88 मामले दर्ज कर 194 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। 2025 की इसी अवधि में 69 मामले दर्ज हुए थे और 97 आरोपी गिरफ्तार किए गए थे। इस साल अब तक पीड़ितों को 95,32,822 रुपये की राशि वापस कराई गई है, जबकि 2025 की इसी अवधि में 65,22,036 रुपये वापस कराए गए थे। इसके अलावा 2026 में अब तक नशा तस्करों की 2 करोड़ 57 लाख 93 हजार रुपये की संपत्ति अटैच की गई है। 2025 की इसी अवधि में यह राशि 63 लाख 30 हजार रुपये थी।