हिसार। ढंढूर डंपिंग स्टेशन पर तैनात कर्मचारी सुरेश की ड्यूटी के दौरान वीरवार को मौत हो गई। प्रारंभिक जांच में मौत का कारण हार्ट अटैक माना जा रहा है। वहीं, परिजनों का कहना है कि कार्यस्थल पर सुविधाएं न होने की वजह से सुरेश की मौत हुई है। शुक्रवार को परिजनों ने पोस्टमार्टम के बाद शव नहीं उठाया और अस्पताल में धरना दिया। वहीं, कर्मचारी यूनियन ने कहा कि उनकी मांगें पूरी न होने तक वार्ड 1 से 10 में कचरा नहीं उठाया जाएगा। उधर, मेयर प्रवीण पोपली शुक्रवार शाम धरनास्थल पर पहुंचे और न्याय दिलाने का आश्वासन दिया।
जींद के गांव कान्हा खेड़ा के अजय कुमार ने पुलिस को दिए बयान बताया कि वह परिवार के साथ तलवंडी राणा में रहता है। वीरवार शाम करीब साढ़े चार बजे पिता के अचानक ड्यूटी के दौरान गिरने की सूचना मिली। इसके बाद सरकारी अस्पताल पहुंचा तो चिकित्सक ने पिता को मृत घोषित कर दिया। उसके पिता डंपिंग प्लांट में स्वीपर के पद पर ठेकेदार महेन्द्र के माध्यम से काम करते थे। अजय के मुताबिक, प्लांट पर किसी प्रकार की सुविधा नहीं है। वहां दुर्गंध का वातावरण रहता है और काम करने के बाद आराम करने के लिए लोहे का कंटेनर ही है, जो गर्मी में तपता है। कार्यस्थल पर सुविधाओं का अभाव होने से उसके पिता की मौत हुई है। सदर थाना पुलिस ने इस संबंध में ठेकेदार महेंद्र के खिलाफ लापरवाही बरतने का केस दर्ज किया है।
सहकर्मी बोले-सुरक्षा मानक यंत्र नहीं करवा रखे उपलब्ध
धरनास्थल पर मौजूद सह कर्मियों ने बताया कि ठेकेदार ने उन्हें सुरक्षा मानकों के तहत यंत्र मुहैया नहीं करवा रखे हैं। भीषण गर्मी में वहां कर्मी बेहाल रहते हैं। गर्म टीन इस मौसम में गर्मी फेंकता है। यह इसी का नतीजा है कि सुरेश की वीरवार शाम को मौत हो गई। सह कर्मियों ने बताया कि पुलिस ठेकेदार के अलावा निगम प्रबंधन पर कड़ी धाराओं के तहत केस दर्ज करे। साथ ही मृतक की परिजनों को उचित मुआवजा दिया जाए। धरनारत लोगों ने न्याय की लड़ाई लड़ने के लिए 22 सदस्यीय कमेटी गठित की है।
इस मामले की निष्पक्ष जांच करवाई जाए। इस एजेंसी को ब्लैक लिस्ट किया जाए। अगर निगम प्रशासन ठेकेदार के खिलाफ उचित कार्रवाई नहीं करता तो डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन के बाद शहर की सफाई का काम भी पूर्ण रूप से बंद करने का भी फैसला लिया जा सकता है। - सुरेंद्र गोलू, प्रधान, नगर पालिका कर्मचारी संघ इकाई हिसार
यह मामला मेरे संज्ञान में आया है। कर्मचारी की मौत हार्ट अटैक से हुई है। हालांकि फिर भी हम कर्मचारी के परिवार की हरसंभव मदद करने का प्रयास करेंगे। - नीरज, निगमायुक्त