नागरिक अस्पताल में मौजूद मृतक राजबीर के परिजन।
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हरिता गांव का रहने वाला एक किसान मंगलवार सुबह करीब 10 बजे घर से किसी काम को खेत के लिए निकला था। घर से निकलने के एक घंटे बाद 40 वर्षीय किसान राजबीर खेत में संदिग्ध परिस्थितियों में बेसुध मिला। उसके बाद राजबीर को नागरिक अस्पताल में पहुंचाया गया, जहां पहुंचने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मामले की सूचना मंगाली चौकी पुलिस को दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया। इसके बाद काफी देर तक मृतक के परिजनों ने अस्पताल परिसर में हंगामा किया और उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि केस दर्ज करवाने वालों ने राजबीर का झूठा नाम लिखवाया है। वह सभी पुलिस के साथ मिलकर राजबीर पर दबाव बना रहे थे। मंगलवार देर शाम पुलिस ने परिजनों को आश्वासन देकर शव का पोस्टमार्टम करवा उन्हें सौंप दिया। मृतक के भतीजे संदीप के बयान पर पांच लोगों के खिलाफ 306 के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
मृतक के चचेरे भाई राजबीर ने बताया कि मृतक राजबीर खेतीबाड़ी करता था और उसके दो बेटे हैं। कुछ दिन पहले ही पड़ोस की एक महिला सरोज, उसका भतीजा कृष्ण व मंगाली गांव निवासी होशियार सिंह ने मिलकर झगड़े के मामले में उन्होंने पहले तो दो लोगों के नाम दर्ज करवाए थे। मगर उसके बाद राजबीर का भी उन्होंने नाम लिखवा दिया और वह सभी दबाव बनाकर उसे परेशान करने लगे। मृतक के चचेरे भाई राजबीर और उसके ताऊ पवन ने बताया कि सोमवार रात को भी होशियार सिंह व कृष्ण के साथ पुलिसकर्मी और 10-11 अन्य युवक उसके घर पर आए थे और उस पर दबाव बना रहे थे।
मृतक के भतीजे संदीप के बयान पर हरिता गांव निवासी सुनील दत्त, सुमित, सरोज, कृष्ण और मंगाली गांव निवासी होशियार सिंह के खिलाफ 306 के तहत मामला दर्ज कर लिया है और मामले की जांच जारी है। उसके बाद आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
- एसआई अशोक कुमार, मंगाली चौकी, हिसार