हिसार। डीसीएम मिल प्रबंधक ने तलवंडी राणा के लिए बनाए जा रही रोड का निर्माण कार्य रुकवा दिया है। साथ ही बीएंडआर को कानूनी नोटिस भी भेजा है। मिल के अधिकारियों का कहना है कि उसे पहले उसकी जमीन का भुगतान किया जाए और उसके बाद ही यह सड़क बनाई जाए।
बता दें कि तलवंडी राणा के लिए बनाए जा रही रोड के लिए बीएंडआर को वन विभाग से जमीन लेनी पड़ी थी। इसके बदले में वन विभाग को एयरपोर्ट के पास पड़ी अतिरिक्त जमीन दी गई थी। इस रोड के बीच में डीसीएम मिल की भी 16 मरले जमीन आ रही है। बीएंडआर को इस जमीन के एवज में डीसीएम मिल प्रशासन को डीसी रेट के हिसाब से भुगतान करना था। मगर अभी मुख्यालय स्तर पर इस बारे में अंतिम फैसला न होने के कारण भुगतान अटका पड़ा था। इसी बीच रोड के ठेकेदार ने डीसीएम मिल की जमीन पर भी रोड बनानी शुरू कर दी। इस पर मिल प्रशासन ने आपत्ति जताई और काम रुकवा दिया।
60-70 फुट लंबी रोड का निर्माण कार्य लटका
काम रुकने से 60-70 फुट लंबी रोड का निर्माण कार्य लटक गया है। यह हिस्सा पूरे रोड को नेशनल हाईवे से जोड़ता है। हालांकि इस पूरी रोड की लंबाई करीब 2.2 किलोमीटर है।
डीसीएम मिल ने जमीन का भुगतान न होने के कारण काम को रुकवा दिया है। ठेकेदार ने उसकी जमीन पर भी थोड़ा काम शुरू कर दिया था। भुगतान को लेकर मुख्यालय स्तर पर फैसला होना है। - दलबीर राठी, एसडीओ, बीएंडआर
414 दिनों से धरने पर डटे ग्रामीण, बोले-अब नई सरकार से आस
तलवंडी राणा चंडीगढ़ बाई पास पर ग्रामीणों के धरने को 414 दिन हो गए हैं। तलवंडी राणा रोड बचाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष एडवोकेट ओपी कोहली ने बताया कि धरने के 14 माह बाद भी ग्रामीणों को 3 किलोमीटर की बची रोड नहीं दी गई है। इस रोड बनने के बाद ही इस समस्या का स्थायी समाधान होगा। ग्रामीणों को नई सरकार व मुख्यमंत्री नायब सैनी से से बड़ी आशा है कि वे उनकी मांग को पूरा करेंगे। यदि सरकार ने इस ओर ध्यान नहीं दिया तो इस रोड पर स्थित दर्जनों गांवों के वोटों का सीधा असर सरकार को विधानसभा व लोकसभा में देखने को मिलेगा।