गोशाला संचालकों के गाय लेने से इंकार करने के मामले पर वीरवार को डीसी निखिल गजराज ने बैठक बुलाई। बैठक में गोशाला संचालकों ने फंड की समस्या बताते हुए गाय लेने से इनकार करने की बात कही। उन्होंने कहा कि बिना आर्थिक सहायता के वे गायों को चारा कैसे खिलाएंगे। ऐसी गाय भेजी जा रही हैं जो दूध नहीं देतीं और उनका खर्च उठाना गोशालाओं के लिए बड़ी समस्या है। मीटिंग काफी देर तक चली, जिसके बाद फैसला हुआ कि निगम की टीम अब केवल दुधारू गायों को ही पकड़ेगी। दुधारू गाय लेने के लिए सभी गो सेवकों ने हां कर दी है। दूध देने वाली गायों का खर्च निकल जाता है। दूसरा अगर कोई मालिक अपने पशु को छुड़वाना भी चाहेंगे तो जुर्माना राशि देकर पशु छुड़वा सकेंगे। इसके अलावा दूसरी गायों व सांड को लेने से सभी ने इनकार कर दिया।
अगले सप्ताह और गोशाला संचालक बुलाए
प्रशासन की कॉल पर दस में से केवल 6 गोशाला संचालक ही पहुंचे। प्रशासन द्वारा किसी तरह की सहायता न करने से मायूस गोशाला संचालकों ने साफ कहा कि कब तक वे गायों को बिना आर्थिक सहायता रख पाएंगे। इस पर डीसी निखिल गजराज ने अगले सप्ताह और गोशाला संचालकों को बुलाकर उनके साथ बैठक करने की बात कही।
नहीं दिए 15 लाख
सरकार द्वारा भेजे गए 15 लाख रुपये का मामला भी मीटिंग में उठा। डिप्टी डायरेक्टर एनिमल हसबैंडरी ने इस पर जवाब दिया कि ये राशि तो पशु पकड़ने इत्यादि में ही खर्च होगी। यह फंड गोशालाओं को नहीं दिया जा सकता।
शिकायत पर ही पकड़े जाएंगे सांड
मीटिंग में चर्चा हुई की नाकारा सांड नहीं पकड़े जाएंगे। फिलहाल इस पर ब्रेक रहेगा। पशु बाड़े में मर रहे पशुओं को लेकर कहा कि वहां चारे की व्यवस्था में दिक्कत है। जहां नाकारा सांड के बारे में शिकायत मिले वहीं से पकड़े जाएं।
इन गोशालाओं से पहुंचे
डीसी के साथ हुई मीटिंग में तलवंडी राणा गोशाला, हरियाणा कुरुक्षेत्र गोशाला, नियाणा गोशाला, बालसमंद गोशाला, डोभी गोशाला व राधे कृष्ण गोशाला संचालक पहुंचे। इसके अलावा धांसू रोड पर पशुबाड़ा संभाल रहे प्रधान अशोक बंसल, एसडीएम अशोक बसंल, पशुपालन विभाग के डिप्टी डायरेक्टर रविंद्र हुड्डा, एक्सईएन रामजीलाल, तहबाजारी इंचार्ज महेंद्र सैनी सहित कई अधिकारी मौजूद थे।
वादे से मुकर रही सरकार, प्रशासन
हरयाणा गोशाला संघ के प्रदेशाध्यक्ष शमशेर आर्य ने कहा कि सरकार व प्रशासन अपने वादे से मुकर रहा हैं। गोपाष्ठमी के बाद आंदोलन शुरू किया जाएगा। उन्होंने आरोप यह भी लगाया कि रोड पर गोवंश बढ़ाना एक साजिश है, जिसके खिलाफ गो सेवक मौन नहीं बैठेंगे।
गोशाला संचालकों के साथ मीटिंग हुई है। गायों को पकड़ने का काम सुचारु रहेगा। जितने गोशाला संचालक आए थे उन्होंने गाय लेने की हां भरी है। गोशालाओं में गाय भेजी जाएगी।
- राजेश महता, सचिव नगर निगम