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दवा की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें : उपायुक्त

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स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, निजी अस्पताल और लैब संचालकों की बैठक में दिशानिर्देश देतीं उपायु - फोटो : Hisar
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हिसार। जिला में कोविड-19 महामारी के बढ़ते मामलों के मद्देनजर उपायुक्त डॉ. प्रियंका सोनी ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, निजी अस्पताल तथा लैब संचालकों की बैठक ली। उपायुक्त ने कहा कि सभी अस्पताल व लैब संचालकों को सरकार के निर्देशों का हर हाल में अनुपालन करना होगा। किसी भी संचालक द्वारा गलत प्रैक्टिस किए जाने का मामला सामने आया तो उसके विरुद्घ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि दवा की कालाबाजारी करने वालों से सख्ती से निपटें।
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उपायुक्त ने बताया कि हरियाणा सरकार द्वारा निजी लैब में कोरोना टेस्ट के लिए दरें निर्धारित की हैं। आरटीपीसीआर टेस्ट के लिए 499 रुपये का अधिकतम रेट तय है। इस टेस्ट के लिए लैब के घर जाकर सैंपल लेने पर 699 रुपये का रेट तय है। सीबीनाट टेस्ट के लिए 2400, टरूनाट टेस्ट के लिए 1250, रेपिड एंटिजन टेस्ट के लिए 500 और आईजीजी आधारित एलाइजा टेस्ट के लिए 250 रुपये की अधिकतम दर तय की गई है। कोई निजी लैब संचालक इन दरों से ज्यादा का रेट लेगा तो उसके विरुद्घ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। डॉ. प्रियंका सोनी ने निजी अस्पताल संचालकों से कहा कि सरकार द्वारा पूर्व में निर्धारित उपचार के दरों की सूची और बेड की उपलब्धता इत्यादि जानकारी अस्पताल में चस्पा होनी चाहिए। मरीजों को बेवजह एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल में रेफर करने से बचें।
औषधि नियंत्रक को निर्देश : कोरोना के उपचार में प्रयोग होने वाली जरूरी दवाओं की कालाबाजारी के मामलों में उपायुक्त ने जिला औषधि नियंत्रक को कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि रेमडेसिवर जैसी सभी जरूरी दवाओं की उपलब्धता का डाटा तैयार किया जाए। यदि कोई दवा विक्रेता स्टॉक करने या तय कीमतों से ज्यादा दवा को बेचता पाया गया तो उस बख्शा नहीं जाएगा।
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होम आइसोलेशन और क्वारंटीन की स्थिति में प्रोटोकॉल का अनुपालन हो
उपायुक्त ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को होम आइसोलेशन और क्वारंटीन की स्थिति में सभी प्रोटोकॉल का अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पहले से ही बीमारियों से ग्रस्त उच्च जोखिम वाले 60 साल से ज्यादा उम्र के मरीजों को अस्पताल में दाखिल करवाया जाए। ऐसे मरीजों को होम आइसोलेशन और क्वारंटीन नहीं किया जा सकता। होम आइसोलेशन के मरीजों के लिए गठित की गई टीमें विजिट की संख्या को बढ़ाएं। उपायुक्त ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को कोरोना टेस्ट बढाएं जाने के निर्देश दिए। प्रत्येक सीएचसी पर कम से कम 250 टेस्ट होने ही चाहिए। कोविड पॉजिटिव केस पाए जाने पर उनके संपर्क में आए 30 लोगों के कोविड टेस्ट किए जाएं। कोविड-19 का टेस्ट करने के बाद प्रत्येक व्यक्ति की जानकारी निर्धारित पोर्टल पर अपलोड करें।
एडीसी को बनाया नोडल अधिकारी
कोविड प्रबंधन को लेकर अतिरिक्त उपायुक्त अनीश यादव को नोडल अधिकारी बनाया गया है। इसके अलावा सभी एसडीएम अपने-अपने उपमंडलों में 24 घंटे संचालित कंट्रोल रूम बनाएं और अपने यहां कोविड प्रबंधन के विभिन्न कार्यों की स्वयं निगरानी करें। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को ऑक्सीजन सहित अन्य सभी संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
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