गांव गंगवा के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में क्लास लेने पहुंचे डीसी निखिल गजराज से आजाद नगर के लोगों ने कहा साहब! बेटियों को कैसे पढ़ाएं। कुछ आवारा किस्म के लड़के छुट्टी के समय गेट के सामने एकत्र होकर छात्राओं को तंग करते हैं।
आजाद नगर के लोगों को पता लगा कि डीसी निखिल गजराज गंगवा के राजकीय स्कूल आ रहे हैं।
लोग एकत्रित होकर स्कूल पहुंचे। इन लोगों ने कहा कि डीसी साहब! छुट्टी के समय गेट के सामने आवारा किस्म के युवक पहुंच जाते हैं, जो स्कूल से निकलने वाली छात्राओं से छेड़छाड़ करते हैं। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान चला रही सरकार बेटियों को बचाने में सहयोग करे। ऐसे युवकों पर कार्रवाई की जाए। डीसी ने भरोसा दिलाया कि इस पर ठोस कार्रवाई कराएंगे।
विद्यार्थियों के साथ संवाद कार्यक्रम के तहत उन्होंने संबोधित किया कि काफी बच्चे ज्यादा पढ़ते हैं। फिर भी उनको शिकायत रहती है कि उन्हें कुछ समझ नहीं आता है, इसलिए मेहनत के साथ अपनी तकनीक में सुधार करो। किसी भी विषय को समझने के लिए पढे़ं। उसके बारे में सोचेंगे तो याद रखने में आसानी होगी।
जो व्यक्ति निरंतर मेहनत करने वाले आगे बढ़ते हैं, डरने की जरूरत नहीं, बल्कि निरंतर इस दिशा में मेहनत करने की जरूरत है। विद्यार्थी अपना टाइम टेबल बनाएं। कठिन विषय को ज्यादा समय दें। सुबह अनुशासन के साथ समय पर उठें। सुबह का वातावरण इच्छा और सकारात्मक होता है। अपनी रुचि अनुसार खेलें भी जरूर। अपना लक्ष्य बनाएं और सपने देखें। डीसी ने शिक्षकों से कहा कि वह सरल तरीके से पढ़ाएं। अध्यापक अपने कार्य से किसी का भी जीवन बदल सकता है। उपायुक्त ने इस अवसर पर स्कूल प्रांगण में पौधारोपण भी किया।
बच्चे ने पूछा, आप डीसी कैसे बनें
एक विद्यार्थी ने पूछा आप डीसी कैसे बनें। डीसी निखिल गजराज ने मुस्कराते हुए जवाब दिया। उन्होंने कहा कि पढ़ाई से ही आप हर एक मंजिल पा सकते हैं। मेहनत ही आपको सफलता दिलाएगी, जिसमें एक विद्यार्थी ने अपनी हैंड राइटिंग को सुधारने के बारे में सवाल किया। एक अन्य विद्यार्थी ने कॉलेजों की एडमिशन की कट लिस्ट के बारे में पूछा।
डीसी की क्लास का भी रिव्यू....
सीएम की सुशासन की सहयोगी मनीषा भी स्कूल पहुंची। डीसी की ओर से रखे गए संवाद कार्यक्रम का रिव्यू किया। उन्होंने स्कूल के बारे में जानकारी जुटाई। राजकीय स्कूलों के विद्यार्थियों को आ रही दिक्कतों के बारे में भी पूछा।