हिसार। मानसून से पहले बरसाती नालों की आधी-अधूरी सफाई को लेकर अमर उजाला की ओर से विभिन्न क्षेत्रों की ग्राउंड रिपोर्ट प्रकाशित किए जाने के बाद जिला प्रशासन हरकत में आ गया है। इस पर संज्ञान लेते हुए उपायुक्त महेंद्र पाल ने सिंचाई विभाग, जन स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम के अधिकारियों के साथ बैठक की और बरसाती नालों व ड्रेनेज व्यवस्था का निरीक्षण किया।
जिले में राजगढ़ रोड, दिल्ली रोड, सातरोड और सेक्टर-33 क्षेत्र का मुआयना किया गया। डीसी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नालों और ड्रेनेज की सफाई कार्य की रोजाना फोटो सहित रिपोर्ट उनके कार्यालय में भेजी जाए। साथ ही नियमित निरीक्षण कर दैनिक प्रगति रिपोर्ट भी प्रस्तुत करने के आदेश दिए गए।
मानसून के दौरान संभावित बाढ़ और जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए किए जा रहे कार्यों की समीक्षा के तहत डीसी ने वीरवार को आजाद नगर, राजगढ़ रोड, दिल्ली रोड, गंगवा, सातरोड, पातन, सेक्टर-33, शाहपुर, खरड़ और आर्य नगर सहित कई क्षेत्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जल निकासी व्यवस्था का जायजा लिया तथा पंप सेट, साइफन पंप, डीडी पंप सेट और पैनल बोर्ड की कार्यशीलता की भी जांच की।
उन्होंने निर्देश दिए कि मानसून से पहले सभी ड्रेनों की सफाई सुनिश्चित की जाए तथा गाद, कचरा और अन्य अवरोधों को समय रहते हटाया जाए। जलभराव संभावित क्षेत्रों में अतिरिक्त पंप सेट और आवश्यक मशीनरी उपलब्ध रखने के भी आदेश दिए गए। साथ ही तटबंधों को मजबूत करने और तूफान के दौरान गिरे पेड़ों को तुरंत हटाने के निर्देश भी दिए गए।
डीसी ने कहा कि बाढ़ प्रबंधन कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने नगर निगम, सिंचाई विभाग और जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। ड्रेनों के किनारे हुए अतिक्रमण हटाने और अवैध कब्जों पर कार्रवाई के भी आदेश दिए गए।
निरीक्षण के दौरान एसडीएम ज्योति मित्तल, राजस्व अधिकारी श्याम लाल, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी नरेंद्र कुमार, कार्यकारी अभियंता लोक पाल सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
दिल्ली रोड, राजगढ़ रोड पर शुरू हुआ काम
दिल्ली रोड और राजगढ़ रोड के नालों की सफाई के लिए कर्मचारियों को लगाया गया है। मशीनों की मदद से बरसाती नालों और ड्रेनेज की सफाई की जा रही है। साथ ही सीवरेज लाइनों की सफाई का कार्य भी जारी है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि जून माह में चार बार बारिश और आंधी आने के कारण सफाई कार्य प्रभावित हुआ। कई स्थानों पर पहले से साफ किए गए नालों में दोबारा पेड़ों के हिस्से और कचरा भर गया जिससे काम में देरी हुई।