हांसी। मुख्यमंत्री नायब सैनी के साथ हुई मुलाकात के बाद धरने पर पहुंची धरना कमेटी के सदस्यों ने वार्ता को विफल करार दिया। धरना कमेटी के सदस्यों ने कहा कि उन्होंने झोली फैलाकर मुख्यमंत्री से टी कनेक्शन मांगा था लेकिन मुख्यमंत्री ने टी नहीं दी। ऐसे में कमेटी के अनुसार अब वार्ता विफल रही, बाकी शुक्रवार सुबह ग्रामीणों के साथ बातचीत के बाद निर्णय लिया जाएगा।
चंडीगढ़ में सीएम से मुलाकात के बाद धरना कमेटी के सदस्य देर शाम को धरने पर पहुंचे। जहां ग्रामीण उनके पहुंचने का इंतजार कर रहे थे। यहां पहुंचते ही धरने को संबोधित किया। इस दौरान धरना कमेटी के सदस्य अनूप चानौत ने कहा कि सीएम के समक्ष धरना कमेटी के बुजुर्ग सदस्यों, पूर्व सरपंच सत्यवान व महिलाओं ने झोली फैलाकर टी मांगी।
यह टी अब मान-सम्मान की बात बन चुका है। सीएम ने टी देने से मना कर दिया। वहीं सीएम के सामने कमेटी के सदस्य यह कहकर लौटे की गाम-राम बैठक करेगा। उसमें जो फैसला लेगा वह प्रशासन को बता दिया जाएगा।
पूर्व सरपंच सत्यवान ने कहा कि हमारी कमेटी गांव के साथ है। जो गांव कहेगा वही हमारी आवाज है। हमने सीएम के समक्ष टी की बात रखी है। हम टी की मांग पर अडिग है। एकता को बनाए रखो, आक्रामक नहीं होना है। आंदोलन गांधीवादी तरीके से चलाएंगे।
उन्होंने कहा कि सीएम के सामने टी की मांग की लेकिन टी नहीं मिली। वार्ता विफल रही। उन्होंने कहा कि चानौत में अभी खरकड़ी से पानी पूरा नहीं आता। इस वजह से दूसरे गांव के लोग पंचायत लेकर हमारे पास आते हैं।
गाम का फैसला टी लेंगे
इस दौरान धरने पर विकास चानौत ने कहा कि म्हारे गांव का फैसला है कि पानी लेंगे तो टी कनेक्शन से लेंगे। नहीं तो मरेंगे। अब यह आंदोलन प्रदेश स्तर का बन चुका है। अब धरने को रोघी खाप लीड करेगी।
निहंग सरदार पहुंचे धरने पर
वहीं धरने पर सुभाष फौजी व पंजाब से निहंग सरदारों का जत्था पहुंचा। निहंग सरदारों ने कहा कि जब किसान आंदोलन जैसा मोर्चा फतेह कर सकते हैं तो गांव का मोर्चा उनके लिए कुछ नहीं है। उन्होंने कहा कि सभी गांव एकजुट हो जाएं।