एडीजे बसरूद्दीन की अदालत ने हांसी में ब्राइट कोचिंग सेंटर के संचालक सुरेंद्र को छात्र के साथ कुकर्म कर हत्या करने के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई है।
इसके अलावा सुरेंद्र को 31 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। सुरेंद्र ने अगर जुर्माना नहीं दिया तो उसे छह माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। अदालत ने उसे 12 सितंबर को दोषी करार दिया था।
अदालत ने सुरेंद्र को 11 वर्षीय बच्चे की मौत मामले अलग-अलग धाराओं के तहत सजा सुनाई है। हांसी पुलिस ने आरोपी संचालक के खिलाफ कुकर्म करने, हत्या करने और सबूत मिटाने का केस दर्ज किया था।
अदालत ने आरोपी को हत्या मामले में उम्रकैद, धारा 377 कुकर्म मामले में पांच साल की सजा और सबूत मिटाने यानी धारा 201 में तीन साल की सजा सुनाई है।
बसरुद्दीन की अदालत ने आरोपी को 31 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है और जुर्माना न देने पर छह महीने अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
यह था मामला
हांसी के शांति निकेतन कॉलोनी स्थित ब्राइट कोचिंग सेंटर में 1 जनवरी 2012 को 11 वर्षीय एक बच्चे की मौत हो गई। उसका शव रविवार की देर शाम कोचिंग सेंटर के एक कमरे में रजाइयों के नीचे दबा मिला था।
बच्चा फतेहाबाद के एक गांव का रहने वाला था। वह यहां सैनिक स्कूल और नवोदय स्कूल में दाखिले के लिए कोचिंग ले रहा था। इसी कोचिंग सेंटर में काफी बच्चे यहां बने कमरों में रहते थे।
हत्या के बाद सेंटर संचालक ने खुद शव को छिपाकर बच्चे के परिजनों के पास फोन कर दिया था कि उनका बच्चा गायब है।
शाम करीब 6 बजे जब सेंटर में रहने वाले अन्य छात्र कमरे में रखी रजाइयां निकालने लगे तो रजाइयों के नीचे से बच्चे का शव मिला।
बच्चे की गर्दन की हड्डी (सर्वाइकल वर्टिब्रा) टूटी हुई और उसकी नाक से खून आया हुआ था। छात्र के मामा लांधड़ी अजय बिश्नोई ने हांसी थाने में संचालक के खिलाफ मामला दर्ज करवाया था।