दिल्ली रोड पर विद्युत नगर सेंट्रल बैंक के ठीक सामने दोपहर बाद एक ट्रक ने स्कूटी सवार दो महिलाओं को कुचल दिया। हादसे में स्कूटी सवार महिला का डेढ़ साल का बच्चा बाल-बाल बच गया।
ट्रक द्वारा कुचली गई महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई। उनकी पहचान सेक्टर 9-11 निवासी 36 वर्षीय सुशीला व 29 वर्षीय शैलजा के रूप में हुई है। हादसे के बाद ट्रक चालक मौके से फरार हो गया।
पुलिस व आरएसओ की टीम ने ट्रक के पीछे गाड़ी दौड़ाकर सातरोड के पास से उन्हें पकड़ा। चालक व परिचालक दोनों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने दोनों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए डेड हाउस में रखवा दिया है। शुक्रवार सुबह दोनों के शव का पोस्टमार्टम होगा।
आरएसओ व पुलिस टीम ने पकड़ा चालक, आरोप चलती गाड़ी में ड्राइवर बदला
आरएसओ विनय सोनी ने बताया कि हादसा उनके सामने हुआ। ट्रक चालक दोनों महिलाओं को कुचलकर जैसे ही भागा उन्होंने गाड़ी उसके पीछे लगा दी।
सोनी का कहना है कि वे उस वक्त पुलिस की पीसीआर में थे और वहां से गुजर रहे थे। उन्होंने उसके पीछे गाड़ी दौड़ा दी।
सातरोड के पास उन्होंने पीसीआर ट्रक के आगे लगाकर उन्हें रोका। विनय ने बताया कि जिस समय हादसा हुआ गाड़ी दूसरा चालक चला रहा था। चलती गाड़ी में ही उन्होंने चालक बदल लिया।
शॉपिंग कर लाई थी शॉल, वही बना कफन
परिजनों ने बताया कि सैलजा और सुशीला दोनों पड़ोसी हैं। सुशीला मकान नंबर 1520 में रह रही थी। वे मूल रूप से स्याहड़वा के रहने वाले हैं। उनके पति सत्यवान ग्रेवाल जेएसएसल में इंजीनियर हैं।
सैलजा मकान नंबर 1519 में रह रहीं थी। उनके पति अश्वनी चिकित्सक हैं। दोनों महिलाएं शॉपिंग करने के लिए बाजार से लौट रहीं थी। शॉपिंग के दौरान दोनों शॉल खरीदकर लाई।
जब हादसा हुआ तो दोनों बुरी तरह से कुचली गई। एक महिला का सिर कुचल गया। आसपास के लोगों ने जब उन्हें संभाला तो शवों पर कपड़ा डालने के लिए कुछ नहीं मिला।
जब बिखरे पड़े सामान के एक पॉलीथिन को उठाया तो उसमें उनके द्वारा खरीदकर लाई गई शॉल निकली। राहगीरों ने उन्हीं शॉल से उनका शव ढक दिया।
स्कूटी के पिछले हिस्से में टायर के पास फंसा था बच्चे का हाथ
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जब हादसा हुआ तो बच्चे का हाथ स्कूटी के पिछले टायर के पास फंसा हुआ था। डेढ़ साल के अंशशिव शायद हाथ फंसने के कारण ही बच गया।
वह रो रहा था। उसके पास एक तरफ मां की लाश पड़ी थी और दूसरी उसकी पड़ोस की आंटी की। मौके पर मौजूद एक मनोज नाम के टीचर ने बच्चे का हाथ स्कूटी से निकाला और उसे गोद में उठा लिया।
मासूम दर्द से कराह रहा था और वह मां व आंटी की मौत से अंजान था।
ऑटो व ट्रक के बीच में थी स्कूटी इसलिए बैलेंस बिगड़ा
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि हादसा स्कूटी के बैलेंस बिगड़ने के कारण हुआ। स्कूटी, ट्रक व ऑटो जिंदल चौक से हांसी की तरफ जा रहे थे।
हादसे के दौरान फुटपाथ की तरफ ऑटो था और बीच में स्कूटी व उसके दूसरी तरफ अचानक ट्रक दौड़ता हुआ पीछे से आया।
बताया गया है कि ऑटो के कारण स्कूटी का बैलेंस बिगड़ गया और स्कूटी अचानक गिर गई । साथ से निकल रहे तेजी से जा रहे ट्रक चालक ने दोनों महिलाओं को कुचल दिया।