फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ठेकेदार और ग्रामीणों में जमकर चलीं लाठियां, सूचना पर नहीं पहुंची पुलिस

Mon, 30 May 2016 12:49 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार
विज्ञापन
शराब ठेके को लेकर भेरां गांव में हुआ विवाद - फोटो : bureau
विज्ञापन
 गांव भेरां में शनिवार देर रात शराब के ठेके को लेकर चली आ रही रंजिश को लेकर दोनों पक्षों में जमकर लाठियां चलीं। दोनों पक्षों के बीच इस विवाद में छह लोग घायल हो गए। घटना की सूचना के बाद पुलिस मौके पर नहीं पहुंची तो ग्रामीणों ने थाने में पहुंचकर जमकर प्रदर्शन किया और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी कर अपने रोष प्रकट किया।
विज्ञापन


ग्रामीणों का कहना था कि पुलिस मौके पर पहुंच जाती तो विवाद ज्यादा नहीं बढ़ता। बाद में पुलिस की तरफ से आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद ग्रामीण शांत हुए, लेकिन ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि अगर जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया तो वे सिवानी में धरना देंगे। उधर, हादसे के बाद गांव में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।

पंचायत ने शराब की बिक्री पर लगाया था प्रतिबंध
भेरां गांव में पंचायत ने शराब की बिक्री पर प्रतिबंध का फरमान जारी किया था, लेकिन आबकारी विभाग ने गांव में शराब का एक ठेका अलॉट कर दिया। इसके बाद ठेकेदारों और ग्रामीणों के बीच तनातनी का माहौल बना हुआ है। शनिवार देर रात ग्रामीणों और ठेकेदार पक्ष के लोगों के बीच हुए विवाद के पीछे भी यही वजह थी।
विज्ञापन


विवाद ने लिया खूनी रूप
झगड़े की आशंका के चलते गांव वालों ने पुलिस को भी फोन किया, लेकिन पुलिस गांव में नहीं पहुंची और दोनों पक्षों के बीच विवाद ने खूनी रूप धारण कर लिया। इस बीच दोनों पक्षों के बीच जमकर लाठियां चलीं, जिसमें भेरां गांव के चार और ठेकेदार पक्ष के दो लोग घायल हो गए।

पुलिस के खिलाफ नारेबाजी
पुलिस कार्रवाई से असंतुष्ट भेरां गांव के लोग थाने पहुंच गए और यहां पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। गांव के सरपंच जयसिंह ने बताया कि पुलिस का सहयोग नहीं मिलने के कारण गांव में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। रात को अगर पुलिस समय पर पहुंच जाती तो झगड़े की यह नौबत ही नहीं आती।

सरपंच के अनुसार ठेके को लेकर वे स्थानीय पुलिस के अलावा जिला प्रशासन के पास तीन माह से चक्कर काट रहे, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। थाने में पहुंचे ग्रामीणों के हंगामे के बाद पुलिस के भी हाथ-पांव फूल गए। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर ठेकेदारों से मिलीभगत का भी आरोप लगाते हुए कहा कि दबाव के चलते पुलिस ग्रामीणों का भी सहयोग नहीं कर रही है।

ठेकेदार खुलेआम धमकी दे रहे हैं, जिसके कारण पूरा गांव भय के साये में हैं। सरपंच ने बताया कि पुलिस को आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए 72 घंटे का अल्टीमेटम दिया गया है और इस दौरान आवश्यक कार्रवाई नहीं हुई तो वे सिवानी में धरना शुरू करेंगे।

ये हुए घायल
इस हादसे में घायल भेरा गांव के पारस, अनूप, सूबे सिंह, सोनू महला को उपचार के लिए यहां के सामान्य अस्पताल में दाखिल करवाया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें भिवानी रेफर कर दिया गया। दूसरे पक्ष के अमित और बिंद्र को भी चोटें लगी हैं।

यह कहना है शराब ठेकेदार का
इस बारे में शराब के ठेकेदार शमशेर उर्फ टोनी ने कहा कि उनके पक्ष के दो लोगों को एक साजिश के तहत मारा-पीटा गया। गांव के लोग ठेका हटवाने के लिए उन पर झूठे और बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ठेके का यह मामला अदालत में विचाराधीन है।

पुलिस बोली, मामले को गंभीरता से ले रहे
इस बारे में थाना प्रभारी ख्याली राम का कहना है कि भेरा गांव में हुए विवाद को पुलिस गंभीरता से ले रही है। इस मामले की जांच की जा रही है और जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

ग्रामीणों ने ठेका करवाया बंद
सिवानी मंडी। विवाद के बाद गांव में तनावपूर्ण माहौल के बीच भेरां गांव में ग्रामीणों ने शराब का ठेका बंद करवा दिया। शराब ठेकेदार शमशेर का आरोप है कि अदालत में विचाराधीन मामले के बावजूद ग्रामीणों ने जबरन ठेके पर ताला जड़ दिया, जबकि ग्रामीणों के अनुसार उन्होंने ठेका बंद करवाया है और उस पर ताला उन्होंने नहीं, बल्कि खुद ठेकेदार ने जड़ा है।

इस मामले को लेकर कार्रवाई के लिए ठेकेदार ने थाने में शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है। सरपंच जयसिंह ने कहा कि ग्रामीणों ने ठेकाकर्मी को पुराने स्थान पर शराब का ठेका खोलने के लिए कहा था, जिसके बाद वह खुद ही ठेका बंद करके चला गया।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें