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सचिन मर्डर केस में सामने आए चार नये नाम

Sun, 02 Oct 2016 12:19 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/हिसार
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JAIL SHIMLA
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सिविल लाइन पुलिस ने सचिन बंसल मर्डर केस में आपराधिक षडयंत्र रचने और अपराध के लिए उकसाने की धारा जोड़ दी है। पुलिस अब शूटर आजाद नगर निवासी पवन के साथियों की तलाश में जुटी है। पुलिस ने शुक्रवार को उसका आठ दिन का रिमांड हासिल किया था और उससे पूछताछ जारी है। पुलिस को अब षडयंत्र रचने के आरोपी कैंट के सामने के ट्रांसपोर्टर रोहित पूनिया, आजाद नगर के भानु, सिसाय के सुमित, बरवाला के पवन और एक-दो अन्य की तलाश है। पुलिस आरोपी के बयान की सच्चाई भी जान रही है।
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आरोपी पवन ने पूछताछ में बताया कि उसकी आजाद नगर के भानु नामक युवक से जान-पहचान है। उसने भानु से कहा था कि वह उसे नौकरी लगवा दे। इस पर भानु ने दो महीने पहले उसे कैंट के सामने आरआरसी ट्रांसपोर्ट कंपनी के ऑफिस में बुलाया था। वहां रोहित पूनिया ने उसे पिकअप वाहन पर ड्राइवर रख लिया। जब सैलरी पूछी तो उसने कहा कि दो-तीन दिन गाड़ी चला, फिर बताता हूं। उसने एक महीना उसकी गाड़ी चलाई तो रोहित ने उसे 1000 रुपये ही दिये। उसने 25 दिन पहले भानु की मौजदूगी में रोहित से सैलरी मांगी थी। तब उन्होंने कहा था कि वह अच्छी सी गाड़ी छीनकर दे दे। तेरे को सैलरी के अलावा 20 हजार रुपये अलग से देंगे। उसने पूछताछ में बताया कि रोहित ने उसे एक पिस्तौल और 1000 रुपये दिये थे।

गोली चलाते ही साथी फरार हो गया
आरोपी पवन ने पूछताछ में बताया है कि उसे बाद में बरवाला का पवन सिविल अस्पताल के पास मिला था। वे एकराय होकर दो-तीन दिन यहां-वहां घूमते रहे, मगर कार न मिली। बाद में उन्होंने 10 सितंबर को साउथ बाइपास से सातरोड के निकट से पटेल नगर के एक युवक की बाइक पिस्टल प्वाइंट पर छीन ली थी। वे 11 सितंबर की रात उसी बाइक पर टाउन पार्क पहुंचे थे और वहां घात लगाई थी। वह ग्रीन बेल्ट में छुप गया था और बरवाला का पवन दूर खड़ा हो गया था। वह सचिन को गोली मारकर कार समेत फरार हो गया था। वारदात होते ही उसका साथी पवन फरार हो गया था।
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गांवों के रास्ते कार ले गया था सिसाय
आरोपी पवन ने बताया कि वह वारदात के बाद आई-20 कार लेकर डाबड़ा चौक और जिंदल पुल होता हुआ गांव मिर्जापुर में पहुंचा था। उसने वहां भानु से मोबाइल फोन पर संपर्क किया था और उसे कार छीनने की वारदात बारे बताया था। भानु बोला था, कार सिसाय ले आ। फिर कार लेकर गांव सिसाय में पहुंचा था। वहां एक डिजायर गाड़ी खड़ी थी। उसके पहुंचने पर भानु, रोहित और सिसाय का सुमित बाहर निकले थे और एक अनजान युवक अंदर बैठा रहा था। उसने उनको कार सौंप दी थी और उसको सुमित ने शरण दी थी। उसके बाद तड़के चार बजे रोहित ने उसे फोन कर ऐलनाबाद से पिकअप में गाय लाने के लिए बोला था। वह वहां से गाय लाने गया तो आगे गंगानगर में दोस्त विक्रम के पास चला गया था। बाद में गाय ऐलनाबाद से रोहतक छोड़ आया था। उसने पिस्तौल और कपड़े गंगानगर व रोहतक में छुपाने की बात कही है।
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