जिंदा पति का डेथ सर्टिफिकेट बनवाकर बीमा क्लेम लेकर भागी पत्नी राजबाला को गिरफ्तार करने के मामले में पुलिस ने पार्षद नरेंद्र शर्मा को सुबह 5 बजे घर से उठा लिया। पार्षद को वे हांसी सहित कई स्थानों पर छापेमारी के लिए साथ ले गई। आरोप यह भी है कि पुलिस ने कहा कि राजबाला नहीं मिलती तो पीओ घोषित हो जाएगी। फिर गाज पार्षद पर गिरेगी। वहीं पार्षद ने पुलिस के उठाए जाने के बाद मेयर व अन्य पार्षदों को कॉल कर दी। पार्षदों के दबाव में आकर पुलिस ने उन्हें बाद में छोड़ दिया।
फिर नरेंद्र शर्मा मेयर व पार्षदों को साथ लेकर पहुंचे एसपी व डीसी के पास
पार्षद नरेंद्र शर्मा ने मेयर शकुंतला राजलीवाला के पास कॉल की। मेयर छुट्टी पर होने के बावजूद कुछ पार्षदों को साथ लेकर डीसी व एसपी कार्यालय में पहुंची। दोनों अधिकारियों से बात की और कहा कि पुलिस पार्षद पर अनावश्यक दबाव बना रही है। पुलिस जांच करे।
पार्षद बोले जब श्मशान भूमि की पर्ची, लकड़ियों की पर्ची तक ले आए तो हम क्या करें
डीसी ने पार्षदों को कहा कि आप लोग वेरीफिकेशन ठीक से करो। इस पर पार्षदों ने कहा साहब अगर कोई श्मशान भूमि, लकड़ियों की पर्ची तक ले आये तो हम क्या करें। एनएनएम व आंगनबाड़ी वर्कर ने वेरीफिकेशन कैसे की जांच वहां से होनी चाहिए। पार्षद ने तो इन्हीं के आधार पर वेरीफिकेशन की थी।