एडीजे अजय पराशर की अदालत ने गैर इरादतन हत्या (धारा 304 पार्ट 2) के जुर्म में 5 लोगों को दोषी करार दिया है। दोषियों में 12 क्वार्टर एरिया की ढाणी सोरगर की महिला राममूर्ति, उसके बेेटे सोनू तथा भिवानी के सोहन उर्फ सोनू, कैमरी रोड की पालिका विहार कॉलोनी के संजय उर्फ गोलू और टिब्बा दानाशेर के भूपेंद्र उर्फ हुड्डा शामिल हैं। अदालत दोषियों को शनिवार को सजा सुनाएगी। एक आरोपी का केस जुवनाइल कोर्ट में विचाराधीन है।
सिटी थाना पुलिस ने इस बारे में 27 मई 2012 को घर में घुसकर हत्या करने का केस दर्ज किया था। अदालत में चले अभियोग के अनुसार 12 क्वार्टर की ढाणी सोरगर में वारदात वाली रात एक महिला और चार-पांच अन्य ने घर में घुसकर महेंद्र सिंह नामक युवक को आंगन में खींच लिया था। उसे लाठी, डंडों और रॉड से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। परिजनों ने घायल को सिविल अस्पताल में दाखिल कराया था। कुछ घंटे बाद उसकी मौत हो गई थी। मृतक के बड़े भाई रामभगत सिंह ने पुलिस को बयान देकर कहा था कि वह, उसकी पत्नी इंद्रावती और भाई महेंद्र कमरे में टीवी पर कार्यक्रम देख रहे थे।
तभी पड़ोसन राममूर्ति, उसका बेटा सोनू और तीन-चार अन्य वहां आ घुसे और महेंद्र को आंगन में खींचकर उस पर रॉड और डंडों से हमला कर दिया था। राममूर्ति हमलावरों से कह रही थी, मार दो, यह बचना नहीं चाहिए। उसने शिकायत में कहा था कि पहले मामूली बात पर महेंद्र और राममूर्ति की कहासुनी हुई थी। उसी से रंजिश मानकर उसके भाई महेंद्र की हत्या कर दी गई। सिटी थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर राममूर्ति, उसके दो बेटों और तीन-चार अन्य के खिलाफ घर में घुसकर हत्या करने का केस दर्ज किया था। एक आरोपी का केस जुवनाइल कोर्ट में विचाराधीन है।