शादी वाले परिवार में जश्न का माहौल, मंगलगीत, डीजे पर संगीत की धुन, नाच गाने के बीच अचानक पता चले कि दुल्हन के रूप में लड़कियां दिखाकर टीके में लाखों के जेवर हड़पने का नाटक रचा गया था तो पैरों तले जमीन खिसकना स्वाभाविक है। ऐसा ही मजाक हुआ गांव मात्रश्याम के दो चचेरे भाइयों के साथ।
उनकी शादी राजस्थान के सरदार शहर के एक गांव में तय हुई थी। टीके के वक्त दुल्हनों के लिए करीब ढाई लाख के जेवर भी दिए गए थे। बुधवार को बारात जानी थी। मंगलवार को घुड़चढ़ी की तैयारी के समय किसी परिचित के फोन से यह पता चलने पर कि उनके साथ धोखा हुआ है तो शादी की तैयारियां धरी की धरी रह गईं।
जानकारी के अनुसार शादी दो बिचौलियों के जरिये तय हुई थी। युवकों के परिवार वालों की बिचौलियों से मुलाकात नोहर के पास हुई थी। बिचौलियों ने दोनों लड़कों के लिए दो लड़कियां दिखाईं थी। पसंद आने पर शादी तय हो गई। कुछ लोग सरदार शहर से आकर 15 दिन पहले दोनों लड़कों का टीका कर गए। तब बिचौलियों को करीब 15 हजार रुपये और दोनों दुल्हनों के लिए सोने के ढाई लाख के जेवर वर पक्ष ने दिए थे।
वर पक्ष जोरशोर से तैयारियों में जुटा। गाड़ियां, बैंड बाजा, डीजे, फोटोग्राफर, हलवाई और जरूरी सामान की बुकिंग कर ली थी। कुनबे की शादीशुदा लड़कियां और रिश्तेदार खुशी के मौके में शरीक होने के लिए गांव में पहुंच गए। शादी की निर्धारित तिथि से तीन दिन पहले परंपरा के अनुसार दोनों लड़कों को बान बैठा दिया गया।
महिलाएं रोज रात को मंगलगीत गाती थी और परिवार में शादी को लेकर भारी उत्साह था। 13 जुलाई बुधवार को बारात जानी थी। मंगलवार को घुड़चढ़ी की तैयारी हो रही थी कि परिजनों को किसी से फोन पर बात करने पर पता चला कि मामला गड़बड़ है। परिजनों ने दोनों बिचौलियों से संपर्क किया तो पहले उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया, फिर स्विच ऑफ आने लगा। इसके बाद कुनबे के लोग एक वाहन लेकर चल पड़े और देर रात बिचौलियों के गांव पहुंचे लेकिन दोनों गायब थे।
पंचायत बैठी, डेढ़ लाख रुपये देने का फैसला
उस गांव के सरपंच ने बुधवार सुबह पंचायत बुलाई। पंचायत में वर पक्ष ने कहा कि उनके साथ धोखा हुआ है। वे समाज में बेइज्जती महसूस कर रहे हैं। उन्होंने दुल्हनों को जेवर और अन्य सामान पर ढाई लाख खर्च किए। काफी देर की जद्दोजहद के बाद पंचायत ने डेढ़ लाख रुपये देनेे का फैसला किया। तब कुनबे के लोग लौट आए।