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‘20 लाख रुपये जमा करवा दो और कांता को ले जाओ’

Tue, 22 Mar 2016 01:31 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला , हिसार
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फिरौती - फोटो : demo
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बीएसएफ से रिटायर्ड असिस्टेंट कमांडेंट की फाइनेंसर बेटी के अपहरण व 20 लाख की फिरौती मांगने के मामले में नए नए पेंच फंस रहे हैं। पुलिस असमंजस में हैं कि आखिर मामले के मास्टर माइंड कौन हैं। पुलिस के विश्वसनीय सूत्रों ने दावा किया है कि मिलगेट चौकी के मुंशी के पास कांता के मुंह बोले भाई के फोन पर कॉल आई थी। कॉल मुंशी ने रिसीव की थी। कॉल करने वाले ने कहा पैसे दे दो और कांता को ले जाओ। कांता सुरक्षित है हमारे पास यहां बैठी है। इसने रुपये ले रखे थे, हमें 20 लाख दे दो। मुंशी ने पूछा आखिर आप बोल कौन रहे हो और कहां हो। उन्होंने एक बार कांता से भी बात करवाई। कांता ने कहा कि उसे नहीं पता वह कहां है। इतना कहने के बाद उन्होंने फोन काट दिया।
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बाइक वाले के साथ बैठकर गई थी कांता
सेक्टर 1-4 में जब कांता को फोन कर किसी ने बुलाया था तो कांता ने अपना बाइक वहीं खड़ा कर दिया। वह उस वक्ति की बाइक पर बैठकर गई थी। इस बारे में प्रदीप को सेक्टर में मिले गाड़ी सवार दो युवकों ने बताया था। वे युवक गाड़ी में बैठकर ड्रिंक कर रहे थे। उन्होंने कहा कि एक बॉय कट लड़की इधर से पैदल आई और फिर एक बाइक सवार के साथ बैठकर चली गई। जहां गाड़ी वालों ने पैदल आने का इशारा किया वहां से कुछ ही दूरी पर कांता फाइनेंसर की बाइक भी प्रदीप को खड़ी मिल गई थी।

पिता को दिला रहे झूठा दिलासा
कांता के अपहरण की बात पिता को नहीं पता। घर में रिश्तेदारों के आने जाने का तांता लगा है। मोहल्ले के लोग दिन भर बुजुर्ग व मां के पास केवल इसी आस में बैठे रहते हैं कि आखिर कहीं से बेटी के बारे में सुराग लग जाए। पिता को यह तक नहीं बताया गया है कि कांता का अपहरण हो चुुका है रिश्तेदार व मोहल्ले के लोग घर में एकत्रित होने की बात पर रिटायर्ड असिस्टेंट कमांडेंट को केवल यही बताया जा रहा है कि कांता अस्पताल में भर्ती है। जब उन्हें कांता के बीमार होने की बात का भी पता चला तो वे बिलख पड़े।
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फाइनेंसर कांता और अपहरणकर्ताओ का सुराग नहीं 
पुलिस की कई टीमें शिवनगर की फाइनेंसर कांता शर्मा और उसके अपहरणकर्ताओं की तलाश में सोमवार को जींद, सफीदों क्षेत्र और पानीपत के कई इलाकों की खाक छानती रही। मगर देर रात तक कुछ पता न चला था। रविवार शाम के बाद से कांता का मोबाइल फोन भी स्विच ऑफ आ रहा है। इससे पुलिस की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। पुलिस को पहले यकीन था कि सफीदों क्षेत्र में दबिश देने से सफलता मिल जाएगी, मगर ऐसा न हुआ। पुलिस के विभिन्न दल अपहरणकर्ताओं के संभावित ठिकानों पर दबिश देते रहे। मगर मायूसी हाथ लगी। पुलिस ने सोमवार को यहां कुछ लोगों से इस बारे भी पूछताछ की कि उसका लेन-देन किन-किन लोगों के साथ है। मगर फिर भी ठोस सुराग न मिला। सिटी थाना प्रभारी प्रहलाद सिंह ने बताया कि संभावित ठिकानों पर दबिश जारी है, मगर सफलता नहीं मिली है।
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