घोड़ा फार्म रोड स्थित यूनिवर्सिटी विहार कॉलोनी निवासी 38 वर्षीय मनमोहन ने मंगलवार को घर में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। वह अविवाहित था और चौ. चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय में फोरेस्ट्री डिपार्टमेंट के बाहर कैंटीन चलाता था।
मनमोहन पांच भाइयों में सबसे छोटा था। उनका पुराना घर लाहौरिया चौक के पास इंदिरा कॉलोनी में है। एचएयू कर्मी सुशील गर्ग ने बताया कि उनके मां-बाप की मौत हो चुकी है। उनका छोटा भाई मनमोहन कैंटीन चलाता था और यूनिवर्सिटी विहार में अकेला रहता था। किसी ने मंगलवार रात आठ बजे बताया कि उनका भाई कई दिन से कैंटीन नहीं खोल रहा है। वह बीमार है और उसको संभाल लेना। वह यूनिवर्सिटी विहार में गए तो दरवाजा अंदर से बंद था। दरवाजा खटखटाने पर अंदर से कोई प्रतिक्रिया न हुई तो उनको मामला संदिग्ध लगा और कुछ रिश्तेदारों को मौके पर बुलाया। बाद में पुलिस को सूचना दी। पुलिस के साथ दरवाजा तोड़ा तो मनमोहन का शव छत के सरिये में रस्सी व कपड़े के फंदे में लटकता मिला। नीचे कुर्सी रखी थी। उन्होंने बताया कि उनके भाई को कुछ दिन पहले चिकनगुनिया हुआ था। वह 17 दिसंबर से कैंटीन नहीं खोल रहा था। वह बीमार था और तन्हा होने के चलते डिप्रेशन में आ गया था। उसने इसी के चलते आत्महत्या कर ली। शव का पोस्टमार्टम सिविल अस्पताल में किया गया। एचएयू चौकी पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।