एक जमींदार को एग्रीकल्चर लैंड पर लोन दिलवाने के नाम पर उसके ही भांजे ने 36.50 लाख रुपये की ठगी का शिकार बना लिया। इतना ही नहीं भांजे ने 11 एकड़ जमीन की पावर ऑफ अटॉर्नी भी अपने नाम लिखवा ली। मामला तहसील में उस वक्त खुल गया जब पावर अटॉर्नी भांजे के नाम हो गई।
बाद में किसान ने खुद को ठगा महसूस किया और पुलिस के पास शिकायत लेकर पहुंचा। मगर तब तक लोन लिए गए साढ़े 36 लाख रुपये उसका भांजा लेकर फरार हो चुका था। पुलिस ने पनिहार चक्क के किसान मोहन की शिकायत पर हांसी के खरकड़ा भाटोल निवासी मनोज के खिलाफ धोखाधड़ी, अमानत में खयानत व जान से मारने की धमकी देने के आरोप में केस दर्ज कर लिया है।
शिकायत में पनिहार चक्क निवासी मोहन ने बताया है कि उसकी गांव में 29 एकड़ 7 कनाल जमीन है। उसे एग्रीकल्चर लोन लेना था। उसने इस बारे में अपने सगे ताऊ की बेटी के लड़के को बताया। बहन के बेटे ने उसे आजाद नगर स्थित स्टेट बैंक ऑफ पटियाला से 36 लाख 30 हजार रुपये का लोन दिलवा दिया।
किसान का कहना है कि वह पढ़ा लिखा नहीं है। भांजे मनोज ने उसे चक्कर में डाल दिया और कहा कि वह बैंक लिमिट बढ़वा देगा। उसने कहा कि वह खुद के 13 लाख रुपये डालकर आपके खाते में 50 लाख रुपये ट्रांसफर कर देगा। इसके बाद वह उसकी लिमिट बढ़वाकर 1 करोड़ रुपये का लोन दिलवा देगा।
इसी दौरान उसने तहसील कार्यालय किसान को ले जाकर 11 एकड़ जमीन की पावर ऑफ अटॉर्नी लिखवा ली। इसी बीच उसने पहले ये रुपये अपने खाते में भी ट्रांसफर करवा लिए। एक दो दिन बाद उसके आईसीआईआई बैंक के खाते में रुपये डालने की बात कही। मगर बाद में नहीं डाले।
फर्जी एसएमएस भेजा
किसान का आरोप है कि उसने उसके बैंक की कॉपी, एटीएम कार्ड, शपथपत्र सहित कई जरूरी कागजात भी ले लिए। रुपये अपने खाते में ट्रांसफर करने के बाद उसने दोबारा किसान के खाते में रुपये ट्रांसफर करने का एक फर्जी एसएमएस भेजा। किसान को एकबार तो यह लगा कि उसके खाते में अब कुल 50 लाख रुपये आ गए। मैसेज भेजने के अगले दिन किसान बैंक में पहुंचा और खाता चेक करवाया तो एकाउंट खाली था। उसने मैसेज दिखाया तो पता चला कि यह एसएमएस तो फर्जी था।
एसपी से लगाई गुहार
पावर ऑफ अटॉर्नी लिखवाने के बाद किसान ने किसी से इसके बारे में पूछा। किसान को पता चला कि वह तो एक तरह से 11 एकड़ जमीन को बेचने का अधिकार उसे दे चुका है। उसने अगले ही दिन तहसील कार्यालय पहुंचकर पावर ऑफ अटॉर्नी कैंसल करवाई। इसके बाद मामले को लेकर वह एसपी के पास पहुंचा। एसपी ने तुरंत मामला इकोनॉमिक सेल में जांच के लिए भेज दिया। जांच के बाद पुलिस ने आजाद नगर चौकी में केस दर्ज किया है।
मामले की जांच की जा रही है। अभियुक्त की अभी तक गिरफ्तारी नहीं हो पाई। उसकी गिरफ्तारी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
- महेंद्र, चौकी इंचार्ज आजाद नगर