गेहूं के फाने जलाने पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 17 किसानों की पहचान की है, जिन पर विभाग की ओर से कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। इसके बाद भी किसान फाने जलाने से बाज नहीं आ रहे। सोमवार को भी हिसार-चंडीगढ़ रोड पर सरसौद में गेहूं के अवशेषों को आग लगा दी। इससे नेशनल हाईवे पर चलने वाले वाहन चालकों को भी दिक्कतें सहनी पड़ी।
प्रदेश के किसान गेहूं के फाने जलाने को लेकर जागरूक नहीं हो रहे। सरकार की ओर से प्रयास किए जाने के बाद भी किसान रोजाना अपने खेतों में गेहूं के अवशेषों को आग लगा रहे हैं। हिसार जिले में पिछले करीब 20 दिन से हर रोज फाने जलाने की खबरें आ रहे हैं। सैकड़ों एकड़ जमीन पर चारों ओर राख ही राख नजर आ रही है। फाने जलाने से बीते सप्ताह दो लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है। इसके बावजूद किसान इससे सबक नहीं ले रहे। कानूनी तौर पर गेहूं के अवशेषों को जलाना अपराध है। इसके बाद भी इसका कहीं असर नहीं दिख रहा।
लोगों को हुई परेशानी
सोमवार को हिसार-चंडीगढ़ रोड पर गेहूं के अवशेषों में आग लगाई गई। गांव सरसौद के पास गेहूं के फानों में आग लगाने से चारों ओर काला धुआं फैल गया। नेशनल हाईवे से गुजरने वाले वाहन चालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। आग से खेतों की मेढ़ और सड़क के पास खडे़ सैकड़ों छोटे पौधे भी जल गए। बडे़ पेड़ों को भी आग से नुकसान पहुंचा है। इस आग से वायु में हजारों क्विंटल कार्बन भी घुल गया। जो पूरे एरिया के लोगों के स्वास्थ्य को प्रभावित करेगा। दो दिन पहले शनिवार को प्रदेश के कृषि मंत्री ओपी धनखड़ ने नारनौंद रैली में लोगों से गेहूं के फाने न जलाने की अपील की थी। उन्होंने दो लोगों की मौत के हादसे की जानकारी देते हुए बताया कि इस तरह आग से हछोटे-छोटे जीव भी जल जाते हैं। यह कानूनी तौर पर अपराध के साथ पाप भी है।
विभाग की ओर से ऐसे लोगों की पहचान की जा रही है। हिसार-फतेहाबाद में हमने 17 ऐसे लोगों की पहचान की है। इन सभी पर एयर एक्ट 1989 के तहत केस दर्ज किया जाएगा। विभाग की ओर से ऐसे लोगों का चालान कर कानूनी कार्रवाई भी कराई जाएगी।
- निर्मल कश्यप, रीजनल ऑफिसर, पोल्यूूूशन कंट्रोल बोर्ड हिसार