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थानेदार और दरोगा के बेटों ने मांगी रंगदारी

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राजगुरु मार्केट के एक कपड़ा व्यापारी से थानेदार और दरोगा के बेटों द्वारा रंगदारी मांगने का मामला सामने आया है। सिल्वर स्क्वायर मॉल स्थित शॉप संचालक कुंजलाल गार्डन निवासी अमनदीप ने बताया कि बृहस्पतिवार रात करीब आठ बजे पुलिस लाइन एरिया के तीन लड़के दुकान पर आए।
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उनमें दो आरोपी युवकों को व्यापारी ने पहचानने का दावा किया है। उसने बताया कि इनमें से दो युवक थानेदार के बेटे थे और एक दरोगा का।

आरोप है कि उन्होंने आते ही पहले 10 हजार रुपये की मांग की। उसने देने से मना किया तो गन निकालकर जान से मारने की धमकी दी और गल्ले से करीब 19-20 हजार रुपये निकाल लिए। विरोध किया तो दुकान में तोड़फोड़ भी कर डाली। पूरे मॉल में उन्होंने खूब हंगामा भी मचाया।

नहीं पहुंची पुलिस
अमनदीप का आरोप है कि वह वारदात के दौरान 100 नंबर पर पुलिस कंट्रोल रूम में फोन करता रहा, लेकिन किसी ने फोन रिसीव ही नहीं किया। करीब पांच बार उसने इस नंबर पर कॉल की। इसके बाद वह खुद सिविल अस्पताल पहुंचा। वहां पहुंचने के बाद एमएलआर कटी। जब अस्पताल से डॉक्टरों ने रुक्का भेजा, तब जाकर पुलिस मौके पर पहुंची।
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रिटायर्ड डीएसपी के फाइनेंसर बेटे के पास बैठते हैं आरोपी
अमनदीप ने बताया कि उसका उनसे कोई लेना-देना ही नहीं है। वे अकसर मार्केट स्थित एक शॉप में रिटायर्ड डीएसपी के फाइनेंसर बेटे के पास आते-जाते हैं। रात को वे शराब के नशे में आए और रुपये की मांग करने लगे।

आगे भी रंगदारी नहीं दी तो मार देंगे जान से
व्यापारी ने आरोप लगाया कि तीनों लड़कों ने उसे आगे भविष्य में भी रंगदारी नहीं देने पर जान से मारने की धमकी दी है। उसने एसएचओ को रात को ही लिखित में शिकायत दी थी। हालांकि सुबह दोनों पक्षों को थाने बुलाया गया था। दोपहर तक केवल व्यापारी सिटी थाने पहुंचा था।

फोन करने पर भी नहीं आया आरोपी का पिता
कपड़ा व्यापारी के अनुसार रात को जब अस्पताल से रुक्का आया तो पुलिस पहुंची। पुलिस को जब उसने दो लड़कों के नाम बताए तो पुलिस ने रात को ही एक लड़के के थानेदार पिता से फोन पर बात की और मौके पर भी आने की बात कही। मगर थानेदार पिता ने मौके पर आने से मना कर दिया।
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- दोनों पक्षों में समझौता हो गया। किसी ने भी लिखित में शिकायत नहीं दी। आपस में लड़ाई-झगड़े का मामला था।
- प्रदीप यादव, इंस्पेक्टर सिटी थाना
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