भ्रूण लिंग जांच मामले में एएमसी अस्पताल के संचालक एवं राजनेता डॉ. अनंतराम बरवाला को स्टेट क्राइम ब्रांच ने जींद से गिरफ्तार कर लिया है।
उन्हें बुधवार देर रात को गिरफ्तार किया था। उसके बाद पुलिस वीरवार को उन्हें निशानदेही के लिए एएमसी अस्पताल लेकर आई।
निशानदेही के बाद उन्हें हिसार स्थित जेएमआईसी संजय वर्मा की कोर्ट में पेश किया। जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
स्टेट क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर कर्मवीर ने बताया कि 28 जून को भ्रूण लिंग जांच मामले में डॉ. अनंतराम बरवाला आरोपी हैं।
जून महीने से इस मामले की जांच चल रही है। बुधवार शाम को अभियुक्त बरवाला जींद से भागने की फिराक में था। वहां से खास मुखबिर की सूचना पर उसे पकड़ लिया गया।
बरवाला अस्पताल में भी मारा छापा
क्राइम ब्रांच द्वारा डॉ. अनंतराम बरवाला को गिरफ्तारी के बाद कोर्ट में पेश किया गया वहां स्वास्थ्य विभाग ने उनके बरवाला स्थित अस्पताल में भी छापा मारा। हालांकि स्वास्थ्य विभाग को वहां से कोई ठोस सबूत नहीं मिले।
पांच महीनों से चल रहे थे फरार
डॉ. बरवाला पिछले पांच महीनों से फरार चल रहे थे। आरंभ में मामला सिटी पुलिस के पास था। सिटी पुलिस के बाद मामला क्राइम ब्रांच के पास चला गया
बताया गया है कि जब मामला सिटी पुलिस के पास था तो डॉ. बरवाला प्रदेश छोड़कर भाग गए थे।
यह था मामला
28 जून को भ्रूण लिंग जांच मामले में डॉ. बरवाला का नाम सामने आया था। आईजी टीम को शिकायत मिली थी कि कोई मोबाइल के आकर की पोर्टेबल मशीन से गर्भ में पल रहे बच्चे की लिंग जांच का यहां धंधा जोरों से चल रहा है।
कैंप चौक स्थित एएमसी अस्पताल के एक कंपाउंडर को इस मामले में सबसे पहले गिरफ्तार किया गया था। कंपाउंडर धर्मेंद्र को सुंदर नगर से गिरफ्तार किया गया था।
पुलिस टीम में शामिल एक महिला सिपाही नकली ग्राहक बनकर यहां पहुंची थी। इसके बाद मामले की परतें खुलती गईं। बाद में अस्पताल को सील कर दिया गया था।
अल्ट्रासाउंड मशीनें भी सील की गईं। करीब 10 लोगों की इस मामले में गिरफ्तारी हो चुकी थी।